ददुआ के नाम पर हो रही सियासत पर बोले सपा प्रत्याशी वीर सिंह पटेल, 'मेरे पिता डाकू थे तो इसमें मेरी क्या गलती'
चित्रकूट, 27 फरवरी: उत्तर प्रदेश के 12 जिलों में आज पांचवें चरण के लिए मतदान जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी दस्यु सम्राट ददुआ के बेटे वीर सिंह पटेल का एक बयान सामने आया है। जिसमें उन्होंने पूछा है कि, 'मेरे पिता डाकू थे तो इसमें मेरी क्या गलती है। मैं तो 2005 से लोगों के हित में काम कर रहा हूं।' आपको बता दें, ददुआ को मरे हुए 14 साल गुजर गए हैं, लेकिन चित्रकूट और बांदा इलाके में आज भी उसके नाम पर सियासत खत्म नहीं हो सकी।

मीडिया से बात करते हुए वीर सिंह पटेल ने कहा कि मध्य प्रदेश में जिस जाति को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया है उन्हें यूपी में वंचित किया गया है। अगर सूबे में हमारी सरकार बनती है तो हम यहां के आदिवासी को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की केंद्र सरकार से मांग करेंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसी के नाम पर नहीं बल्कि जनता इस बार बेरोजगारी और किसान के मुद्दे पर वोट डाल रही है।
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आपको बता दें कि वीर सिंह को समाजवादी पार्टी ने चित्रकूट जिले के मानिकपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, कुछ दिनों पहले उन्होंने यहां से चुनाव लड़ने से साफ इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि चित्रकूट सदर विधानसभा सीट से आवेदन किया था, लेकिन पार्टी ने उन्हें मानिकपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। उनकी तैयारी चित्रकूट विधानसभा सीट को लेकर थी। लेकिन अखिलेश के समझाने के बाद वीर सिंह ने मानिकपुर विधानसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया था।
कौन हैं वीर सिंह पटेल
वीर सिंह पटेल, आतंक का पर्याय रहे दस्यु सम्राट ददुआ के बेटे है। 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर चित्रकूट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज कराई थी। लेकिन 2017 के चुनाव में वीर सिंह पटेल को हार का सामना करना था। वीर सिंह पटेल ने अपने पिता ददुआ के जिंदगी में ही सियासत में कदम रख दिया था और चित्रकूट से निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे। 90 के दशक में वीर सिंह पटेल के पिता ददुआ का आतंक था।












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