Chitrakoot Honor Killing: दोहरे हत्याकांड में आया नया मोड़, माँ-बेटी के हत्यारे पिता का शव पेड़ से लटका मिला
बेटी ख़ुशी का वीडियो प्रेमी संग इंस्टाग्राम पर देखने के बाद बौखलाए पिता ने मार दी थी गोली। बीच में आई पत्नी को भी उतार दिया था मौत के घाट। अब जंगल में एक पेड़ से हत्यारे पिता का शव लटका मिला है।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट ज़िले से एक दिल दहला देने वाला ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है। बीते सोमवार एक पिता ने अपनी बेटी को इसलिए गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया, क्योंकि उसने इंस्टाग्राम पर अपनी बेटी का एक युवक के साथ वीडियो देख लिया था। यही नहीं, बेटी को बचाने जब उसकी माँ बीच में आई तो गुस्साए पिता ने उसकी माँ को भी गोली मार दी, जिससे माँ की भी मौके पर मौत हो गई। वहीं आज यानि मंगलवार को इस दोहरे हत्याकांड में एक नया मोड़ तब आया जब आरोपी पिता का शव पास के ही एक जंगल में पेड़ से लटका मिला।

बेटी को बचाने आई माँ को भी मारी गोली
पूरा मामला जनपद चित्रकूट के मानिकपुर तहसील क्षेत्र के बहिलपुरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरदहा गांव का है। दरअसल, हत्यारोपी नंद किशोर त्रिपाठी की बेटी खुशी त्रिपाठी अपने ननिहाल मराचंद्रा गांव में रह रही थी। तभी वहां पंकज यादव नाम के युवक से उसका प्रेम प्रसंग हो गया। होली के त्यौहार में खुशी त्रिपाठी अपने घर सेमरदहा आई हुई थी। इसी दौरान उसके पिता ने इंस्टाग्राम पर अपनी बेटी खुशी त्रिपाठी का पंकज यादव के साथ वीडियो देख लिया। जिसके बाद आवेश में आकर उसके पिता ने अपनी बेटी खुशी त्रिपाठी को अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारने लगा। इतने में बीच-बचाव के लिए खुशी की माँ सामने आ गयी, जिससे पहली गोली उसकी पत्नी को लग गई और दूसरी गोली उसकी बेटी खुशी त्रिपाठी को लग गई।

माँ-बेटी के हत्यारे पिता ने लगाई फांसी
बता दें कि गोली लगने से नंदकिशोर त्रिपाठी की पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी और बेटी को जब इलाज के लिए अस्पताल ले जाय गया, तो डॉक्टरों ने ख़ुशी को देखते ही मृत घोषित कर दिया। वही पिता नंदकिशोर मौके से फरार हो गया था। जिसके बाद से ही पुलिस आरोपी पिता की तलाश में जुट गई थी। वहीं आज पुलिस को सूचना मिली कि पिपरउँही के जंगल में एक पेड़ से रस्सी के सहारे शव टंगा मिला है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव को देखा तो पता लगा कि यह माँ-बेटी के दोहरे हत्याकांड का आरोपी नंदकिशोर त्रिपाठी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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परिवार के नाम पर केवल छोटी बेटी निशी ही बची
परिजनों ने बताया कि हम 6 भाई बहन थे, जिसमें एक भाई की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी थी। नंदकिशोर सब भाइयों में सबसे छोटा था। इसके पास कुल 1 बीघा जमीन थी। वह कर्वी में कृष्ण विनायक प्राइवेट हॉस्पिटल में नौकरी करता था। इसके अलावा ऐन्चवारा गांव में पशु मित्र के रूप में कार्य करता था।
नंदकिशोर के दो बेटियां थी, जिसमे बड़ी बेटी खुशी की उसने गोली मार कर हत्या कर दी थी। अब परिवार के नाम पर केवल छोटी बेटी निशी ही बची है। माली हालत ठीक न होने के कारण उसका भविष्य अंधकार मय हो गया है। आगे उसके परवरिश की जिम्मेदारी पूरे परिवार में कोई लेता है या नहीं, अभी कुछ भी निश्चित नहीं है।












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