Viral news: 10 लाख की शर्त पर क्या हार जाएंगे 'कमलनाथ'? MP चुनाव रिजल्ट से पहले पार्टियों का भी ठनक रहा माथा
Viral news: 17 नवंबर को EVM में कैद हुए मध्य प्रदेश के सियासी भविष्य का सही नतीजा भले 3 दिसंबर को आएगा, लेकिन जीत-हार के गणित का बाजार सजाने वालों की कमी नहीं। सट्टा बाजार से लेकर पंडित-ज्योतिषियों की खबरें भी सुर्खियां बन रही। स्थिति यहां तक आ पहुंची है कि गवाहों को साक्षी बनाकर स्टाम्प टिकट के साथ शर्त लग रही हैं।
हजार दो हजार रुपये की शर्त हो तो भी चल जाए, लेकिन कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में किसी और के लिए नहीं बल्कि कमलनाथ की जीत-हार पर पूरे 10 लाख की शर्त लगी हैं। शर्त लगाने वाले लोग कौन है, वह हम आपको आगे बताएंगे। फिलहाल यह जान लीजिए कि सियासी मुकाबलों में इस तरह के पैंतरे सबसे ज्यादा इसी चुनाव में देखने को मिलते आए।
मुंह-जुबानी शर्त होती तो शायद यह खबर आप तक भी न पहुंचती। बाकायदा लिखा पढ़ी के साथ कमलनाथ की जीत-हार को लेकर शर्त लगी है। रेवेन्यु टिकट चिपके लैटर हेड में लिखी शर्त अब सोशल मीडिया में वायरल हैं। कसर इतनी ही बाकी रह गई कि इसे रजिस्टर्ड नहीं करवाया गया। अब तक यह काम भी हो गया हो तो हमें इसकी जानकारी नहीं है।

इनके बीच लगी शर्त
सोशल मीडिया पर वायरल हो शर्त के इकरारनामे में छिंदवाड़ा के ही रहने वाले प्रकाश साहू और राम मोहन साहू का नाम हैं। जिमसें लिखा है कि 'यदि चुनाव में कमलनाथ हारते है तो प्रकाश साहू शर्त के मुताबिक 10 लाख रूपए राम मोहन साहू को देंगे। वहीं, विवेक बंटी साहू यदि हारते है तो राम मोहन साहू प्रकाश साहू को एक लाख रुपए 3 दिसंबर को देंगे'।

दोनों एक ही समाज के और कॉन्ट्रेक्टर है
ख़ास बात यह है कि आपस में शर्त लगाने वाले प्रकाश और राम मोहन दोनों साहू समाज के हैं। ठेकेदारी करते है और दोनों में खूब पटती हैं। छिंदवाड़ा में कमलनाथ के सामने बीजेपी प्रत्याशी बंटी साहू है, वह भी साहू समाज के ही है। शर्त का यह मामला जैसे सोशल मीडिया पर छाया तो अब कहा जा रहा है कि प्रकाश और राम मोहन ने अपने इकरारनामे को रद्द कर दिया।
क्या 'कमलनाथ' की जीत का टूटेगा मिथक?
मध्य प्रदेश की सियासत के इतिहास में कमलनाथ विरले नेता है, जिन्होंने संसदीय क्षेत्र के साथ विधानसभा चुनाव में लगातार जीत दर्ज की। नौ बार संसदीय क्षेत्र में चुनाव जीते और 2018 में कांग्रेस सरकार के वक्त चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। इस संसदीय सीट पर उनके बेटे नकुलनाथ अब सांसद है। बीजेपी के लिए कमलनाथ के यहां के किले को ढहाना लंबे अरसे से चुनौती बना हुआ हैं। इस चुनाव में बीजेपी ने पूरी ताकत झोंकी। जिसके सही परिणाम 3 दिसंबर को पता चलेंगे।












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