Chhindwara News: छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी में धारा 52 लागू, सरकार ने कुलपति को हटाया, लगे थे कई गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी में धारा 52 लागू करते हुए सरकार ने कुलपति को हटा दिया है। मौजूदा कुलपति एमके श्रीवास्तव के खिलाफ कई गंभीर आरोप थे।

Section 52 implemented in Chhindwara University: मध्य प्रदेश में कुछ महीनों पहले छिंदवाड़ा में बनी नई यूनिवर्सिटी में इमरजेंसी की धारा-52 लागू हो गई है। जबलपुर कमिश्नर की जांच के बाद मौजूदा कुलपति एमके श्रीवास्तव को हटा दिया गया हैं। आरोप है कि पद पर रहते हुए श्रीवास्तव विश्वविद्यालय के अधिनियमों का उल्लंघन कर रहे थे। जिससे कुप्रबंधन की स्थिति निर्मित हो रही थी। राज्यपाल ने फिलहाल यहां की अतिरिक्त जिम्मेदारी जबलपुर रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी कुलपति को ही सौंपी है।

छिंदवाड़ा में राजा शंकर शाह यूनिवर्सिटी के पहले कुलपति एमके श्रीवास्तव पर आखिर गाज गिर ही गई। विश्वविद्यालय अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग करते हुए मौजूदा कुलपति को हटा दिया गया हैं। दरअसल यूनिवर्सिटी में कुलपति की जिम्मेदारी संभालने के बाद श्रीवास्तव के खिलाफ सरकार के समक्ष कई शिकायतें पहुंच रही थी। कुछ समय पहले छात्र संगठनों से आपत्तिजनक व्यवहार भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। साथ ही असिस्टेंट रजिस्ट्रार तिवारी को अपने हस्ताक्षर से सस्पेंड कर दिया था। जो संवैधानिक नहीं था। कई और आरोप भी लगे थे।

राज-भवन से अनुशंसा के बाद सरकार ने आरोपों की जांच कराने का फैसला लिया था। जबलपुर कमिश्नर बी. चंद्रशेखर ने जांच की और सौपीं गई रिपोर्ट में आया गया कि एमके श्रीवास्तव पद पर रहते हुए विश्वविधायल के हितों की सुरक्षित नहीं रख पा रहे। कुप्रबंधन भी बढ़ रहा है। सरकार ने विवि अधिनियम की धारा-52 लागू करते हुए श्रीवास्तव को पद से हटाने का बड़ा फैसला लिया। राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अब इस विश्वविद्यालय का अतिरिक्त दायित्व जबलपुर रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी के कुलपति कपिल देव मिश्रा को सौंपा हैं। आपको बता दें शंकर शाह विश्वविद्यालय की टीम को अखिल भारतीय विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में खेलने की अनुमति नहीं दी गई थी। छात्रों की मांग पर भी कुलपति से विवाद की स्थिति बनी थी। उस दौरान श्रीवास्तव पर अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगा था।












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