छत्तीसगढ़ में मरवाही में जंगली भालू का आतंक, 24 घंटों में सात हमले का शिकार
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में भालू के हमलों ने दो व्यक्तियों की जान ले ली और पांच अन्य घायल हो गए हैं। मरवाही रेंज के आसपास के इलाकों में भालू के हमलों की लगाकर सूचना सामने आ रही है। मिली जानकारी के मुताबिक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में समुदाय भालू के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है। महज 24 घंटों के भीतर, सात लोग भालू के हमलों का शिकार हो गए, जिससे इस क्षेत्र में गंभीर वन्यजीव संघर्ष की समस्या सामने आई है।
इन भयावह घटनाओं की शुरुआत 27 जुलाई की शाम को खेत में बकरियां चराते समय एक भालू से टकराने वाली युवती विद्या केवट की त्रासदी से हुई। भालू ने उसकी पीठ और चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाईं, जिससे उसकी असमय मौत हो गई। अगले दिन जिले के बेलझिरिया, करगी कला और खुरपा इलाकों में भी हमले हुए, जिसके परिणामस्वरूप एक और व्यक्ति की मौत हो गई और अन्य घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल करवाया गया।

विशेषज्ञ भालुओं के साथ होने वाली मुठभेड़ों में वृद्धि को वनों की कटाई के दुष्प्रभाव के रूप में देखते हैं। प्राकृतिक आवासों के विनाश से भालुओं सहित वन्यजीवों को भोजन और आश्रय की तलाश में मानव बस्तियों के करीब जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे ऐसी दुखद घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। बहरहाल, इन भयावह घटनाओं के बावजूद, भालू के बढ़ते खतरे के बारे में सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भेड़ियों के हमले के बाद छत्तीसगढ़ की घटना भी सबका ध्यान खींचा है। ज्ञात हो कि बहराइच में कम से कम 35 गांवों में 10 लोगों को अपना शिकार बनाया था । हफ्तों और महीनों तक चले व्यापक प्रयासों के बाद, 10 सितंबर को पांचवां भेड़िया पकड़ा गया, फिर भी एक और भेड़िया अभी भी फरार है, जो लगातार खतरा बना हुआ है।जबकि, पिछले 45 दिनों में ही मरवाही वन प्रभाग के आसपास के इलाकों में 25 से ज़्यादा लोगों को भालू के हमले का सामना करना पड़ा है।
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