The Kashmir Files को लेकर छत्तीसगढ़ में भाजपा क्यों है भूपेश सरकार पर हमलावर ?
The Kashmir Files को लेकर भाजपा है भूपेश सरकार पर हमलावर?
रायपुर, 15 मार्च। कश्मीरी पंडितों का दर्द बयान करती बॉलीवुड फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' को लेकर छत्तीसगढ़ में भी सियासत हो रही है। प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाए हैं कि वह दर्शकों को सिनेमाघरों में फिल्म देखने से रोक रही है। भाजपा के दिग्गज नेता लगाकर इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साध रहें हैं,वहीं कांग्रेस ने आरोपों का खंडन करते हुए भाजपा को कश्मीर का इतिहास याद दिलाया है।

कश्मीरी पंडितों के विस्थापन और उन पर किये अत्याचारों पर आधारित बॉलीवुड फिल्म 'द कश्मीर फाइल्स' की देशभर में जबरदस्त चर्चा हो रही है। इस फिल्म को जहां भाजपा शासित राज्यों में टैक्स फ्री किया जा रहा है ,तो वहीं कांग्रेस शासित राज्यों में फिल्म भाजपा कांग्रेस के बिच की जंग बनाकर रह गई है। कांगेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ में भाजपा ने द कश्मीर फाइल्स को टैक्स फ्री करने की मांग की है। इतना ही नहीं भाजपा का आरोप है कि छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार सिनेमाघर संचालकों पर दबाव बनाकर दर्शकों को फिल्म देखने से रोक रही हैं।
कश्मीर फाइल्स को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कांग्रेस पर तंज कसते हुए लिखा है कि आज अगर छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार होती ,तो आपको कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अन्याय को देखने, समझने से रोका न जाता। द कश्मीर फाइल्स अब तक टैक्स फ्री हो गई होती। कांग्रेस सच से डरती है, एक फ़िल्म से डरी हुई है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने तो इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ विधानसभा तक में कांग्रेस को घेरा है। बृजमोहन अग्रवाल ने ट्वीटर पर लिखा है कि कांग्रेस के कारण कश्मीर फाइल्स को नहीं दिखाने छग में थियेटर मालिकों को डराया जा रहा है, JNU देश विरोधी वातावरण बना रही है, हम कार्यकर्ताओं संग जायेंगे फिल्म देखने। कश्मीरी पंडितों का दर्द सब लोग देखें।
वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले पर सीएम भूपेश बघेल को टारगेट करते हुए ट्वीट किया कि कश्मीरी हिंदूओ के साथ हुए दमन की दांस्ताँ बयां करती फ़िल्म द कश्मीर फाइल्स को अन्य राज्यों की तरह टैक्स फ़्री करने से भूपेश बघेल जी को कौन-सी ताक़तें रोक रही हैं?
अगर कोई जिहाद का महिमामंडन करती फ़िल्म होती तो शायद भूपेश जी रूचि लेते।
भाजपा जहां कश्मीर फाइल्स के मसले पर कांग्रेस सरकार पर दर्शको को फिल्म देखने से रोकने का आरोप लगा रही है,वहीं दूसरी तरफ इसे टेक्स फ्री करने की मांग भी कर रही है। भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने कहा है कि जिस तरह "द कश्मीर फाइल्स" मूवी को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ रहा, उसको देखते हुए भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ में इस मूवी को टैक्स फ्री करना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक जनता इस मूवी को देख सके।
कांग्रेस नेता भी इस मामले में भाजपा को पूरी बराबरी से जवाब दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रवक्ता आरपी सिंह ने भाजपा छत्तीसगढ़ को ट्वीटर में जवाब देते गए लिखा कि एक कश्मीर फाइल्स से काम नहीं चलेगा ,दो फाइल बनानी पड़ेगी, एक गद्दार संधियों की जो अग्रेजो के तलवे चाटते थे और दूसरी भारत जलाओ पार्टी की जिन्होंने देश बर्बाद कर दिया।
भाजपा की तरफ से हो रहे बयानी वार पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने पार्टी की तरफ से आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि फिल्म में जिस समय के घटना क्रम और कथित रूप से उल्लेख का दावा किया जा रहा, उस समय देश में अटल, आडवाणी और वीपी सिंह की तिकड़ी केंद्र में सरकार चला रही थी। इस दौरान भाजपा नेता जगमोहन कश्मीर के राज्यपाल थे, तब 19 जनवरी 1990 को जम्मू कश्मीर से 4 लाख से अधिक हिन्दुओं को कश्मीर छोड़ना पड़ा था।
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प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा के लिये हिन्दुत्व और हिन्दु सिर्फ राजनीति का विषय है। वह हिन्दुत्व के नाम पर सिर्फ हिन्दु मतो के ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। कश्मीर फाईल फिल्म के कथानक के बारे में भाजपाई जिस प्रकार का आचरण कर रहे उससे भी यही स्पष्ट हो रहा कि भाजपाई कश्मीरी पंडितो के ऊपर हुये अत्याचारों का राजनीतिकरण करना चाह रहे। उनकी पीड़ा से भाजपा को कोई मतलब नहीं वास्तव में तो उनके विस्थापन का कलंक तो भाजपा के समर्थन वाली सरकार और भाजपाई राज्यपाल के माथे पर है












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