उफनती नदी के किनारे बच्चे का जन्म, देवदूत बने नगर सैनिक, नदी पार करके ले गए अस्पताल
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बीते एक सप्ताह से लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ के हालत पैदा कर दिए हैं।
बीजापुर, 18 जुलाई। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बीते एक सप्ताह से लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ के हालत पैदा कर दिए हैं। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर बीजापुर जिले में पड़ा है, जहां नदी नालों का जल स्तर बढ़ने के बाद कई गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं। इस बीच जिले के गांव पदमुर के चारो के चारों तरफ से पानी से घिर जाने के बाद एक गर्भवती महिला की नदी के किनारे डिलीवरी होने के बाद राहत कार्य में लगे प्रशासन ने जच्चा बच्चा को सुरक्षित नदी पार करवाकर अस्पताल भेजा । इस घटना से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहे हैं।

देवदूत बनाकर पहुंचे नगर सैनिक
बीजापुर जिला घने जंगलों और नदी नालों से भरा हुआ हुआ है। बीते एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के बाद इलाके में जनजीवन अस्त व्यस्त हो चुका है। जंगलों के बीच पदमूर गांव की गर्भवती महिला सरिता के लिए इलाके में बचाव अभियान चला रहे नगर सैनिक देवदूत बनकर प्रकट हुए। दअरसल पदमूर गांव की झोरवाया नदी से ग्राम रेड्डी का अस्पताल महज 5 किलोमीटर की दूरी पर पड़ता है। बारिश के कारण नदी के उफान पर होने की वजह से आसपास के नाले भी लबालब हो गए और पूरा गांव टापू में तब्दील हो गया।

कांवड़ में बैठाकर किया किया रास्ता तय
गर्भवती महिला सरिता को लेबर पेन उठने के बाद तत्काल अस्पताल पहुचाना जरुरी था, किसी तरह जंगलो के बीच से होते हुए उसके परिजन कांवड़ में बैठाकर पैदल जारगोया तक सुरक्षित ले आये ,लेकिन आगे झोरवाया नदी उफन रही थी,जिसे पार करना मुश्किल था। महिल के परिजनों ने पास के ही अस्पताल में सूचना पहुंचाई, जिसके बाद रेड्डी के चिकित्सक ने बीजापुर प्रशासन को खबर करने पर फ़ौरन नगर सैनिक की रेस्क्यू टीम को भेजा गया। मोटर बोट में नगर सैनिकों के साथ डॉक्टर्स भी गये।

नदी के किनारे ही हुई डिलीवरी
भारी बारिश के चलते नदी उफान थी। समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो रहा था, महिला और उसके परिजन नदी पार नहीं कर पाने की चिंता में रेस्क्यू टीम का इंतजार कर रहे थे। किन्तु टीम के पहुंचने से पहले ही उफनती नदी के किनारे महिला की डिलीवरी हो गई। प्रसव के चंद मिनटों के बाद रेस्क्यू टीम ने पहुंचकर देखा तो महिला के हाथ में नवजात शिशु था। बचाव दल ने तत्काल जच्चा बच्चा को बोट में बैठाकर नदी पार करवाई । जिसके बाद परिजन फिर कांवड़ के सहारे बीहड़ों से होते हुए 3 किमी पैदल चलकर महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे।

साहसिक कार्य के लिए हो रही प्रशंसा
गर्भवती महिला के समस्या को समझते हुए विपरीत परिस्थितियों में भी साहसिक काम करने वाले डाक्टर और नगर सैनिकों के कार्य ही प्रशंसा हो रही है।
बताया जा रहा है कि नगर सैनिक के जवानों ने पूरे बीजापुर में दिनरात रेस्क्यू आपरेशन में चला रहे हैं। इस दौरान करीब 400 अधिक बाढ़ पीड़ितों को बचाया गया है। बीजापुर नगर सैनिक के जवान ग्राम मिरतूर, मिंगाचल, तारलागुडा़, चेरपाल, धनोरा, रामपुरम, कुटरू चंदूर समेत अन्य प्रभावित क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान चलकर लोगों की जिंदगी बचा रहे हैं।
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