दादी की साड़ी फाड़ रहा था लड़का, फिर अगली सुबह पहुंची पुलिस
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक छात्र ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। लड़का बीते कई दिनों से इसलिए परेशान था,क्योंकि उसके पास मोबाइल फोन नहीं था।
जशपुर,17 अगस्त। आज के समय में हर उम्र वर्ग के लोगों को मोबाइल से एक खास लगाव हो चुका है। हर व्यक्ति पूरे समय अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते ही रहता है, लेकिन आज के इस वक़्त में छोटे बच्चे भी ज्यादा से ज्यादा समय मोबाइल पर ही बिताते हैं। अगर आपके घर में भी ऐसा ही देखा जा रहा है, तो इससे सतर्क हो जाने की जरूरत है। क्योंकि बच्चो में मोबाइल फोन बेहद ही गलत प्रभाव डाल रहा है। कुछ ऐसा ही घटा है छत्तीसगढ़ के जशपुर शहर में ,जहां मोबाइल फोन ना मिलने से बच्चे ने फांसी लगा ली है।

क्या फाड़ रहा है साड़ी ,नहीं दिया जवाब
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक छात्र ने फांसी लगाकर मौत को गले लगा लिया। लड़का बीते कई दिनों से इसलिए परेशान था,क्योंकि उसके पास मोबाइल फोन नहीं था। मिली जानकारी के मुताबक रात्रि के समय किशोर अपनी दादी की साड़ी फाड़ रहा था,जिसे देखकर दादी ने उससे जानना चाहता था कि बेटा ऐसा क्यों कर रहे हो,लेकिन उसने कोई उत्तर नहीं दिया था ।
इस अजीब हरकत को देखकर दादी ने लड़के से पूछा कि बेटा साड़ी क्यों फाड़ रहे हो? लेकिन लड़के ने कोई जवाब नहीं दिया। यह देखकर उसकी दादी ने सोचा कि पैसे खोजने के लिए वह ऐसा कर रहा होगा, क्योंकि लड़का इससे पहले भी इस प्रकार की हरकत कर चुका था।

आर्थिक तंगी से गुजर रहा है परिवार, नहीं दिलवा सके मोबाइल
मिली जानकारी के मुताबिक जशपुर के बगीचा थाना क्षेत्र के डुमरटोली निवासी जयनारायण 12वीं का छात्र था। वह बीते कई दिनों से घरवालों से मोबाइल फोन की खरीदने की मांग कर रहा था,लेकिन आर्थिक हालात ठीक नहीं होने के कारण परिजन उसे फोन नहीं दिला पा रहे थे। जिसकी वजह से लड़का दुखी रहता था। इस मौत के पीछे की वजह बताई जा रही कि मोबाइल ना मिलने से ही लड़का डिप्रेशन में रहा होगी।

दादी ने देखा,पोता पेड़ पर लटका हुआ है
रात में जब पूरा परिवार सो गया,तब मृतक जयनारायण भी अपने रूम में चला गया था। बताया जा रहा है कि अगले दिन सुबह जब उसकी दादी की नींद खुली, तो उसने घर के सामने लगे पेड़ पर जयनारायण की फंदे के फंदे में लटका हुआ देखा । जयनारायण ने अपनी दादी की साड़ी से फांसी का फंदा तैयार करके फांसी लगा ली थी। परिवार वालों ने इस घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अचानक ना छीने मोबाइल, कम उम्र से करें प्रयास
इस मामले में मृतक किशोर बारहवीं कक्षा का छात्र था। हो सकता है कि बाकी बच्चों के पास मोबाइल फोन देखकर उसमे हीनभावना घर कर गई हो,लेकिन अधिकांश मामलों में छोटी उम्र में बच्चो को मोबाइल थमा देने से भी आगे चलकर दिक्क्त आ सकती है। बच्चों से छोटी उम्र में ही मोबाइल छीना जा सकता है। किशोर होने पर अगर छिना जायेगा, तो वह बिगड़कर गलत कदम उठा सकते हैं। मोबाइल फोन एक प्रकार का नशा ही है। इससे कम उम्र के बच्चों को बचाने की बेहद जरूरत है। मोबाइल फोन डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है। जब किसी व्यक्ति को कुछ नहीं सूझता, तो वह मोबाइल की तरफ अपना ध्यान लगाने लगता है।
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