Rajnandgaon: नक्सली समर्थक के घर ED की दबिश, मकान और दुकान किया सील, जानिए पूरा मामला
Chhattisgarh में इन दिनों Enforcement Directorate की टीम ने कई जगहों पर छापेमार कार्रवाई की है। जिससे पुलिस को करोड़ो रुपए नगद और सोने चांदी के गहने बरामद किए हैं। इसी बीच एक टीम खैरागढ़ जिले के ग्राम मारूटोला पहुंची थी। जहां नक्सली समर्थक अश्वनी वर्मा की दुकान और मकान को सील कर दिया गया। ED की टीम के आने की सूचना मिलते ही अश्वनी वर्मा अपने घर से फरार हो चुका था।

जानिए कौन है अश्वनी वर्मा, ईडी नें क्यों किया था गिरफ्तार
दरअसल वर्तमान खैरागढ़ जिले के मारुटोला गांव के अश्वनी वर्मा को पुलिस ने साल 2017 में नक्सलियों के सहयोग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अश्वनी वर्मा पर आरोप है कि नोटबंदी के दौरान उन्होंने नक्सलियों के नोटों को खपाने में मुख्य भूमिका निभाई थी। यानी अश्वनी वर्मा ने नक्सलियों के लाखों रुपए के पुराने नोट बाजार में खपाया था।

Chhattisgarh: कांग्रेसी नेता को उठाकर ले गए थे नक्सली, मंत्री लखमा ने भाजपा नेताओ से मांगा सबूत
ED को सरेंडर किए नक्सलियों ने दी थी जानकारी
साल 2017 में पुलिस को यह जानकारी सरेंडर कर मुख्य धारा में लौट चुके आत्मसमर्पित हार्डकोर नक्सली ने दी थी। नोटबन्दी के दौरान नक्सलियों के डंप किये गए नोट को खपाने का काम करता था। नक्सली पहाड़ सिंह के खुलासे के बाद राजनांदगांव पुलिस ने अश्वनी वर्मा को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन कुछ दिनों पहले वह कोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ है। अश्वनी जिले के ग्राम मारुटोला का निवासी है।
घर से हुआ फरार , ED ने सील कर दिया दुकान और मकान
इस केस के मामले में पूछताछ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय की टीम गांव पहुंची थी। लेकिन अश्वनी फरार बताया जा रहा है। इसके चलते अश्वनी वर्मा के मकान और दुकान को ईडी ने सील कर दिया है। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि खैरागढ़ के मारूटोला निवासी एक नक्सली समर्थक के घर प्रवर्तन निदेशालय की टीम जांच के लिए पहुंची थी। लेकिन संदिग्ध फरार हो गया है। ईडी की टीम के द्वारा उसके घर और दुकान को सील करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में नक्सलियों के रुपए को बाजार में खपाने के आरोप में अश्वनी को अरेस्ट किया था।












Click it and Unblock the Notifications