PM Awas Yojana Kawardha: बैगा आदिवासी परिवारों का सपना होगा पूरा, अधूरे मकानों के लिए 5 करोड़ स्वीकृत
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी परिवारों के अधूरे पीएम आवास को पूरा करने के लिए शासन ने 5 करोड़ 23 लाख की राशि स्वीकृत की है। ये राशि सीधे ऑनलाइन डीबीटी माध्यम से हस्तांतरित किया जाएगा।

वनांचल क्षेत्र के 1167 PM आवास थे अधूरे
जिला पंचायत सीआईओ संदीप अग्रवाल ने बताया कि साल 2016-17 में जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 41438 परिवारों को आवास की स्वीकृति मिली है। इस योजना में परिवारों को एक लाख 30 हजार रुपये दिए जाते हैं। जिले में 2681 आवासों का निर्माण कार्य जारी है। जिसमें से 1167 आवास बजट के अभाव में अब तक अधूरे पड़े थे।

डीबीटी माध्यम से राशि पहुंची हितग्राहियों तक
इन अधूरे मकानों के निर्माण के लिए लंबे समय से कुकदुर क्षेत्र के आदिवासी कलेक्टर से गुहार लगा रहे थे। लेकिन लगभग तीन साल बाद भी उन्हें उनका आशियाना नहीं मिल पाया। अब पीएम आवास की राशि राज्य सरकार के एफटीओ के जरिए ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में जमा की जाएगी। इसमें साल 2016 से 2020 के 354 हितग्राहियों को दूसरी किस्त और 813 हितग्राहियों को तीसरी किस्त की राशि दी गई है। इसके अलावा 943 हितग्राहियों को तीसरी किस्त दी गई है। इस तरह अब तक खाते में 4 करोड़ 22 लाख रुपये जमा कराए गए हैं।
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बैगा आदिवासी परिवार हुए प्रभावित
आवास निर्माण की राशि नहीं मिलने के कारण हितग्राहियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। क्योंकि आवास के निर्माण के लिए सभी ने अपने आवासों को तोड़ दिया था, और उसी स्थान पर निर्माण कार्य शुरू किया गया। लेकिन अधूरे निर्माण कार्य के कारण कई बैगा आदिवासी उन पर खपरैल की छप्पर बनाकर रहने लगे तो कुछ झोपड़ियो में रहने को मजबूर हैं। बारिश व गर्मी के दिनों में इन्हे कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
राशि लेकर निर्माण नहीं करने वाले कॉन्ट्रेक्टरों पर हुई कार्रवाई
कुकदूर क्षेत्र के गांवों में अधिकतर बैगा परिवारों के पीएम आवास अधुरे थे। जिनके निर्माण के लिए कई बार ग्रामीणों ने कलेक्टर से गुहार भी लगाई। इस मामले में 6 ठेकेदारों पर कार्रवाई भी हुई है। जिसमें कुछ झारखंड के ठेकेदार भी शामिल थे। इन सभी ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया।












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