जानिए छत्तीसगढ़ में हेलीकॉप्टर क्यों बन चुका है कांग्रेस की अंदरूनी जंग का हिस्सा
Know why helicopter has become a part of internal war of Congress in Chhattisgarh
रायपुर, 05 मई। छत्तीसगढ़ की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में सियासत इस समय हेलीकॉप्टर यात्राओं के इर्द गिर्द घूम रही है। बुधवार को सीएम भूपेश बघेल प्रदेश की सभी 90 विधानसभाओं के दौरे के लिए सरगुजा निकल गए, तो वहीं सूबे के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव भी अपने निजी हेलीकॉप्टर से प्रदेश के हवाई दौरे पर निकल गए। दोनों नेताओं के परस्पर समानांतर दौरे के बाद छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे को हवा मिल गई है। अपने दौरे के पहले ही दिन सिंहदेव ने कहा कि उन्हें इस बात का इंतजार है कि जल्द ही आलाकामन को अब नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला ले लेना चाहिए। सीएम और हेल्थ मिनिस्टर के बीच हवाई यात्राओं की दौड़ पर सियासी माहौल बनने के बाद राज्य के दो अन्य मंत्रियों को हेलीकॉप्टर यात्रा पर रवाना कर दिया गया है।

हेलीकॉप्टर यात्रा पर निकले कवासी लखमा और रविंद्र चौबे
बुधवार को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने दौरे की शुरुआत दंतेवाड़ा जिले से की थी। उनके प्रदेश स्तरीय दौरे का पहला चरण सात मई तक चलना है। पहले दो दिनों में उन्होंने कांकेर और धमतरी जिलों का दौरा कर योजनाओं-कार्यक्रमों की समीक्षा करने के साथ पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी रखी है। इस दरमियान आज सुबह राज्य के उद्योग मंत्री कवासी लखमा जगदलपुर, कोण्डागांव और नारायणपुर के दौरे पर रवाना हो गए हैं।
लखमा बस्तर संभाग के बड़े आदिवासी नेता भी हैं। दो दिनों तक विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद कांग्रेस पार्टी के नेताओं-कार्यकर्ताओं से मुलाकात और चर्चा करेंगे। वहीं राज्य के वरिष्ठ नेता और कृषि मंत्री रविंद्र चौबे भी आज बलरामपुर जिले के दौरे पर निकल गए। इससे पूर्व नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया भी हेलीकॉप्टर दौरा कर चुके हैं।

सिंहदेव को है अभी भी परिवर्तन की उम्मीद
छत्तीसगढ़ में हेलीकॉप्टर यात्राओं से आम जनता में भी एक बार फिर चर्चा यह है कि सत्ता परिवर्तन की सम्भावना है। जनता देख रही है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हर एक विधानसभा में सरकार की योजनाओं का जायजा लेने के लिए अपने दौरे पर निकल चुके हैं और इसी दिन छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री टी.एस. सिंहदेव अपने निजी विमान से हवाई दौरे पर निकल गए । वहीं सिंहदेव ने अपनी यात्रा के पहले दिन ही बड़ा बयान देकर चर्चाओं को हवा दे दी है। बुधवार को टी. एस. सिंहदेव ने दंतेवाड़ा में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री चयन के समय कांग्रेस आलाकमान के सामने बंद कमरे में कुछ बातें हुई थी, लेकिन जिस प्रकार छत्तीसगढ़ में चर्चा हो रही है, उससे लगता है कि इस बारे में अब फैसला आ जाना चाहिए कि अब छत्तीसगढ़ में परिवर्तन होगा या नहीं।

ढाई-ढाई साल का फार्मूला फिर चर्चा में
ज्ञात हो कि सियासी चर्चा है कि साल 2018 का चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस हाईकमान की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के लिए ढाई - ढाई साल का फार्मूला लागू करने पर सहमति बनी थी, जिसके मुताबिक पहले ढाई साल भूपेश बघेल और फिर उसके बाद टी .एस. सिंह देव को सीएम बनाया जायेगा। दबे मुंह इस बात को नेता खुद भी स्वीकार कर चुके हैं, लेकिन कांग्रेस संगठन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण नहीं आया है, इसलिए कोई भी खुलकर इस मुद्दे पर नहीं बोलता। इधर सियासत के जानकर यह भी मानते हैं कि सिंहदेव ने सीएम भूपेश के समानांतर निजी हेलीकॉप्टर से प्रदेश की यात्रा शुरू कर जो दबाव खड़ा किया था, उसे कम करने के लिए दूसरे कैबिनेट मंत्रियों को भी हेलीकॉप्टर यात्राओं के लिए रवाना किया गया है।
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