Kawardha में तीन राइस मिलरों ने 8 करोड़ का धान किया गायब, कलेक्टर ने दर्ज कराया अपराध
छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में तीन राइस मिलरों ने जिला प्रशासन को 7.85 करोड रुपए के धान की चंपत लगाई है। जिसके बाद अब कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने संचालकों पर अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ कबीरधाम जिले में तय समय सीमा 30 नवम्बर तक 3 राइस मिलों से करोड़ो रुपए का चावल जमा नहीं किया गया है। इन राइस मिलों के संचालकों पर कबीरधाम कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कार्रवाई की है। कस्टम मिलिंग करने खरीदी केंद्रों से उठाए गए, धान के बदले इन मिलरों ने चावल जमा नहीं किया। इस मामले में करोड़ो का घोटाला सामने आया है।

अंतिम समय तक नहीं दिया चावल, तीन हजार टन धान गायब
खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में तय समय सीमा तक चावल जमा नहीं करने वालों पर कार्रवाई के संकेत पहले ही जिला प्रशासन ने दे दिए थे। लेकिन अंतिम समय तक तीन राइस मिलों से चावल जमा नहीं कराया है। जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर टीम ने इन राइस मिलों की जांच की गई। इस जांच में टीम ने ऑनलाइन डाटा के अनुसार 2104.63 टन चावल कम पाया। यहां 3141 टन धान कम पाया गया। इस पूरे मामले में 7.85 करोड रुपए का धान घोटाला सामने आया है।

इन राइस मिलरों पर हुई कार्रवाई
चावल नहीं कराने वालों में जनक राइस मिल महाराजपुर के प्रोपराइटर अविनाश शर्मा जिनके पास 994.97 टन धान कम पाया गया। वहीं हीरा फूड प्रोडक्ट के प्रोपराइटर हरदीप सिंह खनूजा के पास 1474.62 टन धान कम पाया गया। राजा राइस मिल लालपुर कला के प्रोपराइटर रघुराज सिंह ठाकुर के राइस मिल में 671 टन धान कम पाया गया। जिसके बाद इन तीनो के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बैंक गारंटी को जप्त करने के लिए जिला विपणन अधिकारी को आदेश दिए हैं।
मिलरों को 2104 टन चावल जमा कराना था
जिला कलेक्टर द्वारा निर्देशित संयुक्त टीम कि जांच के दौरान तीनों राइस मिल में ऑनलाइन डाटा के अनुसार 3141.23 टन धान कम पाया गया है। जिसकी बाजार कीमत 7 करोड़ 85 लाख 15 हजार है। इन तीनो राइस मिलरों को 2104. 3 टन चावल नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करना था। लेकिन राइस मिल में यह धान ही कम पाया गया है। जिसके बाद मिलरों पर अपराध दर्ज कराया है।
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कलेक्टर बोले जांच के आधार पर दर्ज कराया अपराध
कलेक्टर जन्मेजय महोबे का कहना है कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 के के दौरान उठाए गए धान का चावल जमा करने के लिए राइस मिलों को लगातार बैठकें लेकर निर्देश दिए गए थे। लेकिन इसके बाद भी राइस मिलरों ने चावल जमा नहीं कराया है। जिसके बाद तीन राइस मिलरों द्वारा निर्धारित तिथि 30 नवंबर 2022 तक चावल नहीं जमा किया गया है। इस पर संयुक्त टीम की जांच के अनुसार अपराध दर्ज कराने की कार्रवाई की गई है।












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