OPINION: जल जीवन मिशन ने बदला महिलाओं का जीवन, छत्तीसगढ़ सरकार ने किया 79 प्रतिशत कार्य पूरा
Jal Jeevan Mission Chhattisgarh: जल जीवन मिशन छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचलों और गांवों में महिलाओं के जीवन में एक बड़ा बदलाव ला रहा है। परंपरागत रूप से, गांवों में घरों में पेयजल और अन्य जरूरतों के लिए पानी का इंतजाम महिलाओं के ही जिम्मे था। उन्हें रोजाना हैंडपंपों, सार्वजनिक नलों, कुंओं या अन्य जल स्रोतों से पानी लाकर पूरे परिवार के लिए जल संकलन करना पड़ता था। यह श्रमसाध्य और समयसाध्य काम गर्मियों और बारिश के दिनों में और भी कठिन हो जाता था, जब कई जलस्रोत सूख जाते थे और महिलाओं को पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था। इस दैनिक संघर्ष से महिलाओं का काफी समय और ऊर्जा खर्च होती थी।
डबल इंजन की सरकार ने दिया सहारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'जल जीवन मिशन' ने अब इस स्थिति को बदल दिया है। छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद, घरों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो चुकी है, जिससे महिलाओं को कई समस्याओं से राहत मिली है। अब उन्हें रोज़ पानी लाने के लिए बहुत अधिक श्रम और समय नहीं देना पड़ता। इसके परिणामस्वरूप, वे अब घर के दूसरे कार्यों, बच्चों की देखभाल, खेती-बाड़ी और अन्य आजीविका संबंधी कार्यों के लिए अधिक समय और ध्यान दे पा रही हैं।

महिलाओं के स्वस्थ में हुआ सुधार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने 12 महीने घरों तक जलापूर्ति सुनिश्चित की है, जिससे अब बारिश और गर्मी के मौसम में भी पानी का संकट नहीं होता। जलस्तर गिरने और जल गुणवत्ता में गिरावट की समस्या भी अब हल हो चुकी है। इससे महिलाओं को गुणवत्ताहीन पानी के सेवन से होने वाली पेट और त्वचा संबंधी बीमारियों से बचाव हुआ है।
किचन गार्डन में भी पानी का उपयोग
जल जीवन मिशन के तहत, अब हर घर में प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी की आपूर्ति की जा रही है। घर तक पानी की सुलभ पहुंच से महिलाएं अब अपने किचन गार्डन (बाड़ी) के लिए भी पानी का उपयोग कर रही हैं। इससे उन्हें बाड़ी में लगाए गए सब्जियों और पौधों की सिंचाई में मदद मिल रही है और परिवार के पोषण में भी सुधार हो रहा है।
छत्तीसगढ़ में अब तक 79 प्रतिशत कार्य पूरा
जल जीवन मिशन का छत्तीसगढ़ में अब तक 79 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। राज्य के 39 लाख 63 हजार 700 घरों में पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल पहुंच रहा है। मिशन की शुरुआत से अब तक करीब 36 लाख 44 हजार नए घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। राज्य में 4142 ऐसे गांव हैं जहां के शत-प्रतिशत घरों में नल से जल पहुंच रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 19 जिलों में 77 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
71 मल्टी-विलेज योजनाएं लागू
इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ के उन गांवों में जहां खारे पानी, भू-जल में खतरनाक तत्वों की मौजूदगी या जलस्तर के अत्यधिक नीचे चले जाने की समस्या थी, वहां स्वच्छ पेयजल आपूर्ति के लिए 71 मल्टी-विलेज योजनाएं लागू की जा रही हैं। इन योजनाओं के तहत, 3234 गांवों के 10 लाख से अधिक घरों में सतही (नदी) जल पहुंचाया जाएगा। राज्य सरकार ने इस मिशन के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 4500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
जल जीवन मिशन ने न केवल महिलाओं के जीवन को सरल बनाया है, बल्कि पूरे राज्य में जल संकट की समस्या को हल करने में भी अहम भूमिका निभाई है। यह मिशन अब हर घर तक पानी की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है, जिससे गांवों की महिलाओं को राहत मिली है और उनका जीवन आसान हो रहा है।
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