CG: जवानों के साथ किया लंच, पेड़ के नीचे लगाई चौपाल, नक्सलगढ़ में बोले अमित शाह - किसी से डरने की जरूरत नहीं है
Amit Shah Chhattisgarh Visit: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के गुंडम स्थित सीआरपीएफ कैंप का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ भोजन किया और "एक पेड़ मां के नाम" कार्यक्रम के तहत पौधारोपण भी किया। इसके बाद, उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाकर उनकी समस्याओं को सुना और केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।
नागरिकों से कहा, अब किसी को डरने की जरूरत नहीं है
अमित शाह ने ग्रामीणों से बातचीत करते हुए कहा कि नक्सलियों के कारण आप लोग कई सालों तक विकास और सुविधाओं से वंचित रहे, लेकिन अब हमारे जवानों ने यहां सुरक्षा प्रदान की है और कैंपों में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। उन्होंने कहा कि अब यहां अस्पताल भी बनाए गए हैं, जहां आप इलाज करा सकते हैं।

गृहमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार हर नागरिक तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और अब किसी को डरने की जरूरत नहीं है। उनका यह संदेश नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों में एक नई उम्मीद और विश्वास का संचार कर रहा है, जो वर्षों से नक्सलियों के आतंक से जूझ रहे थे।
महुआ पेड़ के नीचे लगाई चौपाल, लोगों से किया संवाद
महुआ पेड़ के नीचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चौपाल लगाई और लोगों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ पढ़ाई-लिखाई पर चर्चा की। उन्होंने महिलाओं से महतारी वंदन योजना के बारे में भी फीडबैक लिया और योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की।
अमित शाह ने कहा कि अब किसी को भी नक्सलियों के आतंक से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार सभी क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज़ी से लागू कर रही है और नागरिकों को सभी सुविधाएं प्रदान करेगी। केंद्रीय गृहमंत्री के साथ इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा और गृह मंत्री विजय शर्मा भी उपस्थित रहे। इस दौरे के बाद, अमित शाह वायुसेना के हेलीकॉप्टर से रायपुर के लिए रवाना हो गए।
तीन दिनों के छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिनों के छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। पहले रायपुर, फिर बस्तर और अब बीजापुर में केंद्रीय गृह मंत्री का दौरा हुआ है। सुकमा और बीजापुर की सीमा पर स्थित गुंडम इलाका पहले माओवादियों का गढ़ माना जाता था, लेकिन अब इस क्षेत्र की तस्वीर बदल गई है। यहां पहली बार सीआरपीएफ कैंप खोला गया था, जिसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा और विकास कार्यों में तेजी आई है।
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