Sitapur Assembly Seat: कांग्रेस का गढ़ है सीतापुर सीट, यहां कभी नहीं खिला कमल, क्या इस बार जीत दर्ज करेगी BJP?
Chhattisgarh Assembly Election 2023: छत्तीसगढ़ की सीतापुर सीट पर कभी भाजपा को जीत नहीं मिली है। आदिवासी आंचल सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा भारतीय जनता पार्टी के लिए लंबे समय से सिरदर्द बनी हुई है।
दरअसल, लगभग 1.95 लाख मतदाता वाली इस विधानसभा में आजादी के बाद से आज तक बीजेपी कभी जीत दर्ज नहीं कर पाई। इस लिए इस बार भाजपा ने एक नया प्रयोग करते हुए सेना के जवान को अपना उम्मीदवार बनाया है।

सरगुजा जिले के सीतापुर विधानसभा में फतह हासिल करने के लिए इस बार भारतीय जनता पार्टी पूरी शिद्दत से जुटी है। लिहाजा, बीजेपी ने अपनी रणनीति बदलते हुए सेना के जवान रामकुमार टोप्पो को चुनावी मैदान में उतारा है।
टोप्पो सेना से सेवानिवृत्त हो कर राजनीति में आए हैं। इस आरक्षित सीट में सबसे ज्यादा मतदाता उरांव, कंवर और गोंड समुदाय के है। यहां पार्टी को जीत दिलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के चाणक्य कहे जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह भी अपनी सभा कर चुके हैं।
यही कारण है कि छत्तीसगढ़ निर्माण के बाद से अमरजीत भगत पिछले 20 वर्षों से इस क्षेत्र में विधायक के रूप में स्थापित हैं। 2018 के बाद से अमरजीत भगत प्रदेश के खाद्य संस्कृति मंत्री हैं।
छत्तीगसगढ़ में दूसरे चरण के लिए वोटिंग 17 नवंबर को होने हैं। 70 सीटों पर होने वाले वोटिंग के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक रखी है। सरगुजा की 14 सीट के लिए डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव खुद प्रचार में जुटे है।
खास बात ये है कि 2018 में यहां की 14 में 14 सीटें कांग्रेस ने जीती थी। लिहाजा, इस बार सरगुजा महाराज टीएस सिंहदेव की शाख दांव पर लगी। हालांकि, वे इस बार भी सरगुजा की 14 सीट में से ज्यादातर जीतने का दावा कर रहे हैं।












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