केंद्र से GST क्षतिपूर्ति ना मिलने से हैं नाराज है CM भूपेश , 17 राज्यो से मांगा सहयोग !
रायपुर,28 मार्च। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्र सरकार की तरफ से जून 2022 के बाद से राज्यों को जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि न देने के फैसले के विरोध में उतर आये हैं। सीएम भूपेश बघेल ने 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर केंद्र के इस निर्णय से राज्यों को होने वाली हानियों पर चर्चा की है।सीएम भूपेश बघेल ने उड़ीसा,उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड,पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, हैदराबाद, तमिलनाडु, कर्नाटक,तेलंगाना, केरल, और दिल्ली जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा है। इस पत्र में 17 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से छत्तीसगढ़ के सीएम ने केंद्र सरकार से क्षतिपूर्ति दस साल तक जारी रखने का साझा आग्रह करने का अनुरोध किया है, ताकि सभी प्रदेशों के राजस्व को भारी हानि होने से बचाया जा सके और जीएसटी क्षतिपूर्ति जारी रखने या फिर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जा सके।

सीएम भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्रियों से तीन बिंदुओं में अपनी बात रखी है, जिसमें उन्होंने कहा है कि केंद्रीय वित्तमंत्री की अध्यक्षता में 29 दिसंबर, 2021 को नई दिल्ली में मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्रियों के साथ बजट से पहले हुई बैठक में छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों ने जून 2022 में खत्म होने वाले जीएसटी मुआवजे पर चिंता जताई की थी और केंद्र सरकार से इसे और 5 वर्ष तक के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया, जबकि इस विषय में सभी राज्य केंद्र सरकार से सकारात्मक फैसले की उम्मीद रखते हैं।
जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलने से एक बड़ा वित्तीय नुकसान होगा:सीएम भूपेश
दूसरे पॉइंट में सीएम भूपेश उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश जैसे मैन्युफैक्चरिंग राज्यों के लिए जीएसटी क्षतिपूर्ति नहीं मिलने से एक बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। विनिर्माण प्रदेश होने के नाते, देश की अर्थव्यवस्था के विकास में हमारा योगदान उन प्रदेशों की तुलना में बहुत अधिक है, जिन्हें वस्तुओं और सेवाओं की ज्यादा खपत के कारण जीएसटी शासन से फायदा हुआ है। यदि जीएसटी क्षतिपूर्ति को जून 2022 के बाद भी जारी नहीं रखा गया, तो छत्तीसगढ़ को बहुत अधिक राजस्व नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। अगले वित्तीय वर्ष में तकरीबन 5,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है। ठीक इसी तरह दूसरे प्रदेशों को भी आगामी वित्तीय वर्ष में राजस्व प्राप्तियां कम होगी।और प्रदेशों को इस समस्या से जनहित के कार्यों और विकास कार्यों के लिए धन की व्यवस्था करना बहुत कठिन हो जाएगा।
राज्यों की स्वतंत्रता बहुत कम हो गई है:मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
तीसरे बिंदु में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जीएसटी व्यवस्था की शुरुआत के बाद कर नीति पर राज्यों की स्वतंत्रता बहुत कम हो गई है। वाणिज्यिक कर के अलावा, राज्यों के पास कर राजस्व की बाकि मदों में राजस्व बढ़ाने के लिए विकल्प नहीं बचे हैं। इस कारण अर्थव्यवस्था पर कोविड-19 के दुष्प्रभाव से निकलने के लिए और राज्यों को जीएसटी का सही लाभ मिलने तक, राज्यों को मोदी सरकार से अनुरोध करना चाहिए कि वह कम से कम आगामी 5 साल के लिए जीएसटी की कमी के लिए क्षतिपूर्ति के मौजूदा सिस्टम को जारी रखे। सीएम भूपेश बघेल ने विश्वास जताया कि राज्य उनकी बात से सहमत होकर एक साथ इस विषय पर केंद्र से सहमति का साझा अनुरोध करेंगे।












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