राहुल गांधी पर मुकदमा दर्ज होने पर भड़के CM भूपेश, कहा - उनकी बातें तथ्यपूर्ण
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र में राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज होने को गलत बताया,वहीं बार फिर से केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को रायपुर से भारत जोड़ो यात
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र में राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज होने को गलत बताया,वहीं बार फिर से केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। शुक्रवार को रायपुर से भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र रवाना होने से पहले उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान सरकार पर जमकर बरसे।

शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने सबसे पहले पत्रकारों के सवालों का जवाब देने के दौरान पूर्व पीएम राजीव गांधी के हत्यारों के खिलाफ पुन: विचार याचिका लगाने के मामले में कहा कि देशभर में इस मामले की आलोचना हुई है, तब जाकर कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी के हत्यारों को छोड़ने पर केंद्र सरकार ने चुप्पी साध रखी थी।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में गरमाये हुए आदिवासी आरक्षण के प्रकरण पर कहा कि मामले का हल बहुत जल्दी निकाल लिया जाएगा। 1 और 2 दिसंबर को छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है,जो आरक्षण के विषय पर ही है,उसमे इसका हल निकला जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ महाराष्ट्र में FIR दर्ज होने के मामले पर कहा कि राहुल जी ने ऐसी कोई बात कही नहीं है, जो कहा है,तथ्यों के साथ कहा है। उन्होंने सावरकर की चिट्ठी का ज़िक्र किया है। आजादी की लड़ाई में काफी लोगों ने जेल की यात्राएं की,जिसमे बाल गंगाधर तिलक और भगत सिंह भी शामिल थे, लेकिन उन्होंने अंग्रेजों से कभी माफी नहीं मांगी। सीएम भूपेश ने कहा कि राहुल जी पर FIR क्यों की जा रही है, इसका जवाब देना चाहिए। बघेल ने कहा कि अगर आपको सावरकर के बारे में जानना है, तो उनके जेल जाने से पहले और छूटने के बाद के बारे में जानना आवश्यक है। जेल जाने से पूर्व वह क्रांतिकारी थे। उसके बाद वह अंग्रेजों से माफी मांगते रहे।
गौरतलब है कि स्वतंत्रता सेनानी वी डी सावरकर के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में राहुल गांधी पर महाराष्ट्र के ठाणे शहर की पुलिस ने मानहानि का मामला दर्ज किया है। राहुल गाँधी ने कहा था कि सावरकर ने ब्रिटिश शासकों की सहायता की थी और डर के कारण से दया याचिका लिखी थी और इस प्रकार उन्होंने महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े बाकि नेताओं के साथ विश्वासघात किया।
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