Chhattisgarh:महानदी का तेजी से बढ़ रहा जलस्तर, इन जिलों में आ सकती है बाढ़
छत्तीसगढ़ राज्य की लगभग सभी प्रमुख नदियां उफान पर चल रही हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ की जीवनदायनी नदी कही जाने वाली महानदी के जलस्तर में तेजी से इज़ाफ़ा देखा जा रहा है।
रायपुर, 16 अगस्त। छत्तीसगढ़ लगातार हो रही बारिश के बाद जनजीवन पर असर पड़ने लगा है। राज्य की लगभग सभी प्रमुख नदियां उफान पर चल रही हैं। इस बीच छत्तीसगढ़ की जीवनदायनी नदी कही जाने वाली महानदी के जलस्तर में तेजी से इज़ाफ़ा देखा जा रहा है। बाढ़ की संभावना को देखते हुए शासन ने अलर्ट जारी किया है।

छत्तीसगढ़ में हो रही लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, इसको देखते हुए राज्य शासन की तरफ से नदियों विशेषकर महानदी बेसिन के किनारे गांवों में बाढ़ की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महानदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए जांजगीर-चाम्पा और रायगढ़ जिले के नदी किनारे वाले गांवों में जिला प्रशासन को विशेष निगरानी और सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की टीम महानदी के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। नदी के दोनों ओर के निचले स्तर के गांव और बस्तियों में मुनादी कराने के साथ ही जिला प्रशासन की तरफ से निचली बस्तियों के लोगों को सावधानी के तौर पर सुरक्षित स्थानों पर राहत शिविरों में ले जाने का काम शुरू कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में बीते कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग स्थित सिंचाई बांध और जलाशय भरे हुए हैं। ऐसी स्थिति में बांधों और जलाशयों से निरंतर पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके चलते महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ चुका है। धमतरी जिला स्थित रविशंकर जलाशय से 52 हजार क्यूसेक जल प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है, जबकि सोंढूर बांध से 5 हजार क्यूसेक, सिकासेर से 13 हजार 400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इस तरह कुल 70 हजार 400 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा हो रहा है, जबकि शिवनाथ नदी पर बने मोंगरा बैराज, सूखा नाला बैराज और घूमरिया बैराज से 70 हजार क्यूसेक पानी शिवनाथ नदी में छोड़ा जा गया है, जो सोमवार आधी रात तक डाउनस्ट्रीम के जिलों में पहुंच जाएगा। महानदी बेसिन इलाके में लगातार बारिश के कारण भी नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है।
हीराकुंड से पानी छोड़ने पर सहमति
हीराकुंड बांध में अभी लगभग 900000 क्यूसेक पानी आ रहा है। ओडिशा के महानदी डेल्टा इलाके में भारी बारिश और ओडिशा में बाढ़ की स्थिति के बाद भी छत्तीसगढ़ सरकार की खास पहल के बाद हीराकुंड बांध के अधिकारियों ने हीराकुंड से पानी छोड़ने पर सहमति दे दी है। अभी तक, हीराकुंड से करीब 450000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जोकि इसकी क्षमता का करीब करीब आधा है। यही कारण है कि रायगढ़ और जांजगीर चांपा जिलों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन गई है। जांजगीर-चाम्पा और रायगढ़ जिला प्रशासन द्वारा राहत और बचाव के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया है। उन्होंने आपदा राहत उपायों के लिए एनडीआरएफ आकस्मिकता की मांग की है। दोनों जिलों के बाढ़ संभावित गांव में मुनादी कराने के साथ ही निचले इलाकों से लोगों को निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। यदि लगातार हो रही बारिश नहीं रूकती है, तो यह दोनों जिलों में महानदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
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