Chhattisgarh: मुकेश चंद्राकार हत्याकांड के बाद एक और पत्रकार के पूरे परिवार की हत्या, संपत्ति विवाद में गई जान
Chhattisgarh News: पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब एक और पत्रकार के पूरे परिवार की निर्ममता से हत्या कर दी गई। ऐसा बताया जा रहा है कि जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसके बाद इस वारदात को अंजाम दिया गया। इस हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में सनसनी मच गई।
यह मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह वारदात दोपहर 1 बजे उस वक्त हुई जब संतोष कुमार के माता-पिता खेत में काम कर रहे थे। जिस जमीन पर वो काम कर रहे थे उस जमीन को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में विवाद चल रहा था।

ऐसा बताया जा रहा है कि इस विवादित जमीन पर खेती करने उमेश टोप्पो, नरेश टोप्पो अपनी मां बसंती टोप्पो और पिता माघे टोप्पो के साथ पहुंचे थे। दोपहर करीब एक बजे माघे टोप्पो के रिश्ते में भाई के परिवार के छह से सात सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और जमीन पर खेती करने का विरोध करने लगे। इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
यह विवाद कुछ देर में हिंसक झड़प में बदल गया और दूसरे पक्ष ने माघे टोप्पो के परिवार पर टांगी-लाठियों से हमला कर दिया। हमले में बसंती टोप्पो (55) एवं नरेश टोप्पो (30) की मौके पर मौत हो गई। दोनों मृतकों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं, माघे टोप्पो (57) गंभीर रूप से घायल हो गया। हमले के दौरान उमेश टोप्पो ने भागकर जान बचाई और पुलिस को सूचना दी।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल माघे टोप्पो को इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, इस वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी मौका-ए-वारदात से फरार हो गए।
पुलिस की मानें तो सभी को आरोपियों ने कुल्हाड़ी से बेरहमी से काट डाला। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, इस वारदात के बाद प्रतापपुर से पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे गए है।
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