प्राइवेट प्ले स्कूलों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार खोलेगी बालवाड़ी
Chhattisgarh government will open kindergarten on the lines of private play schools
जांजगीर,28 फरवरी। छत्तीसगढ़ सरकार के स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल निजी कान्वेंट स्कूलों को टक्कर रहे हैं,जिसकी चर्चा चारों तरफ है। इसी कड़ी में अब भूपेश बघेल सरकार निजी प्ले स्कूलों की तर्ज पर प्रदेशभर में 6 हजार से भी अधिक बालवाड़ी बनाने जा रही है। भूपेश कैबिनेट ने बीती 18 फरवरी को ही इस संबंध में फैसला लिया था,जिसपर तैयारी शुरू हो गई है।

बालवाड़ी प्रारंभ किये जाने का काम शुरू
छत्तीसगढ़ में 6536 स्थानों पर जहां आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल परिसर में स्थित हैं वहां 05 से 06 वर्ष के बच्चों के लिये बालवाड़ी प्रारंभ किये जाने का काम अब शुरू हो गया है । सरकार का अनुमान है कि इससे प्रदेश के 5-6 वर्ष के आयु समूह के 3,23,624 बच्चों में से 68,054 विद्यार्थी शैक्षणिक सत्र 2022-23 से लाभान्वित होंगे । प्राथमिक शालाओं में बालवाड़ी के संचालन के लिए राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से प्रक्रिया जारी कर दी गई है। मिली जानकारी के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डा. आलोक शुक्ला ने प्रदर्श के सभी जिला कलेक्टरों को इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।

दी जाएगी टीचर्स को ट्रेनिंग
कलेक्टरों को जारी स्टेंडर्ड ऑपरेशन प्रोसेस में बताया गया है कि बच्चों में शुरुआती बाल्यावस्था में तेजी से शारीरिक और मानसिक डेवलपमेंट होता है। यह बच्चों के सीखने के लिए सबसे अच्छा समय होता है। 6 साल की उम्र तक बच्चों को सीखना बहुत ही सरल और सुगम होता है। इस उम्र में जो भी सिखाया जाता है,वह आगे की पढाई करने के लिए सहायक होता है।
इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से पहले चरण में राज्य के 6 हजार 536 प्रायमरी स्कूलों के साथ बालवाड़ी संचालन का निर्णय लिया गया है। सरकार ने बालवाड़ी के लिए सिलेबस तैयार करने का काम एनसीआरटी को दिया है। बालवाड़ी में शिक्षकों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

स्वामी आत्मानंद स्कूलों की तर्ज पर होगा हिंदी स्कूलों का कायाकल्प
छत्तीसगढ़ सरकार पूरे प्रदेश में कान्वेंट स्कूलों की तरह ही स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोल रही है। इन स्कूलों में बच्चे शानदार सुविधाओं के साथ अंग्रेजी माध्यम में पढाई कर रहे हैं। अब सरकार हिन्दी मीडियम के स्कूलों को अपग्रेड कर रही है , उनमें पढ़ने वाले हिन्दी माध्यम के बच्चों के लिए भी उत्कृष्ट शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी ।
दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में गरीब वर्ग के बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की है। इन स्कूलों में किसी प्राइवेट कान्वेंट स्कूल की तरह ही सर्वसुविधायुक्त लैब, लाईब्रेरी अच्छे फर्नीचर, खेल सुविधाओं सहित कई इंतजाम किए गए हैं। अब सरकार इन्ही स्कूलों की तर्ज पर हिंदी मीडियम स्कूलों का कायाकल्प करने जा रही है।
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