Chhattisgarh: गिरौदपुरी संत समागम में शामिल हुए सीएम साय, गुरू घासीदास के संदेश को बताया शांति का मूलमंत्र
Chhattisgarh: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शुक्रवार को दुर्ग जिले के मिनी गिरौदपुरी धाम ग्राम गिरहोला में आयोजित संत समागम में बतौर मुख्य अतिथि सम्मलित हुए। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि आस्था के इस केंद्र पर आयोजित संत समागम में सम्मिलित होने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी एक महान संत थे, जिन्होंने 'मनखे-मनखे एक समान' का संदेश दिया।

सीएम साय ने आगे कहा कि गुरू घासीदास बाबा जी का संदेश एकता और शांति का मूलमंत्र है। बहुत सरल शब्दों में उनके द्वारा कहे गए इन शब्दों को यदि व्यक्ति आत्मसात कर ले,तो फिर उससे बड़ा सुखी व्यक्ति कोई नहीं हो सकता है।
सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि बाबा गुरू घासीदास ऐसे महापुरूष थे, जिन्होंने अपने गांव, समाज, राज्य और देश में बदलाव लाने की पहल की। साय ने समाज के लोगों की मांग पर ग्राम गिरहोला में आडिटोरियम निर्माण के लिए 50 लाख रूपए और तालाब सौन्दर्यीकरण के लिए 25 लाख रूपए की स्वीकृति की घोषणा की। सीएम विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम स्थल पर मंदिर में गुरूगद्दी का दर्शन कर पूजा अर्चना करके जैतखाम में श्वेत ध्वजा फहराया। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, कृषि मंत्री रामविचार नेताम भी उनके साथ मौजूद थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि संत बाबा गुरू घासीदास जी ने तप करके सिद्धि प्राप्त की ,फिर यह समाज के उद्धार के लिए निकल पड़े। उन्होंने जनता के कष्टों का निवारण किया। बाबा गुरू घासीदास के संदेश हम सभी को मानवता से जोड़ते हैं। दुनिया में आज इस कदर गैर बराबरी है कि स्त्रियों और पुरूषों के बीच भी बहुत भेदभाव होता है, किंतु बाबा गुरू घासीदास जी ने सैकड़ों वर्ष पहले बेटी और बेटे को समान मानने का उपदेश देकर स्त्री और पुरूष के बीच समानता का संदेश दिया था। जिस तरह गुरू घासीदास जी ने समाज के सबसे आखरी व्यक्ति के उत्थान को अपना लक्ष्य बनाया, उसी तरह सरकार ने भी अंत्योदय को अपना लक्ष्य बनाया है।












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