छत्तीसगढ़ के पूर्व विधायक और दावेदार क्षेत्र में हुए सक्रिय, सोशल मीडिया में दिखने लगा चुनावी असर
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पूर्व विधायकों और दावेदारों ने अपने विधानसभा क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ा दी है। नेताओं के सोशल मीडिया पर भी इस चुनावी सक्रियता का असर दिखने लगा है।

छत्तीसगढ़ में 2023 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के नेता बूथ स्तर पर पहुंच कर अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर रहे हैं। इस बीच दोनों राजनीतिक दलों के पूर्व विधायक और दावेदार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो चुके हैं नेताओं ने जनता के बीच जाकर निजी कार्यक्रमों में शामिल होना शुरू कर दिया है। यानी चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिले या न मिले। क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए सभी दावेदार निकल चुके हैं।

सोशल मीडिया में बढ़ी सक्रियता
प्रदेश में फिर से सत्ता में वापसी करने भाजपा नेता फिर से सक्रिय नजर आ रहें हैं। पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और टिकट के दावेदारी करने वाले नेता निजी कार्यक्रमो में शामिल हो रहें हैं। सुबह-शाम चौपाल और सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत कर रहे हैं। नेताओं ने अपने सोशल मीडिया में भी सक्रियता बढ़ा दी है। हर जयंती समारोह में हिस्सा लेकर मतदाताओं के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। कई नेताओं ने जिम जॉइन कर अपना वजन घटाना शुरू कर दिया है। जिसे वे चुनाव के दौरान खुद को फिट रख सके।

डॉ रमन के गढ़ में भी भाजपा के दावेदार
भाजपा के पूर्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय यंगिस्तान क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजन के माध्यम से युवाओं के बीच पहुंच रहें है। दुर्ग ग्रामीण व शहर में दावेदारों ने सक्रियता बढ़ा दी है। हालांकि राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय की दुर्ग शहर विधानसभा से चुनाव लड़ने की चर्चाएं हो रही है। इसके अलावा वैशाली नगर में भी दावेदारों ने पूरे दस्तावेज, जातिगत, समाजिक आंकड़े तैयार कर लिए है। वैशाली नगर में वर्तमान में भाजपा के विधायक हैं। लेकिन चेहरा बदलने के कयास के बीच दावेदारों ने घर-घर सम्पर्क करना शुरु कर दिया है। यही हाल अहिवारा, पाटन, और दुर्ग ग्रामीण का है। इसके अलावा बालोद, कवर्धा, बेमेतरा, राजनांदगांव जिले में भी पूर्व विधायकों ने तैयारी शुरू कर दी है। नवागढ़ के पूर्व विधायक दयालदास बघेल ने भी अपना स्थानीय निवास छोड़ नवागढ़ शहर में निवास करना शुरू कर दिया है। पूर्व सीएम के राज्यपाल बनने के कयासों के बीच यहां भाजपा के दावेदार अपनी जमीनी तैयारी शुरू कर दी हैं।

कांग्रेस के विधायकों मंत्रियों का शेड्यूल हो गया टाइट
कांग्रेस में दुर्ग के विधायक अरुण वोरा अपने क्षेत्र में सक्रिय हो चुके, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, भिलाई से देवेंद्र यादव, बेमेतरा जिला में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे विधायक आशीष छाबड़ा, नवागढ़ में गुरुदयाल सिंह, कवर्धा में मंत्री मोहमद अकबर, बेलतरा से ममता चन्द्राकर, राजनांदगांव जिले के खुज्जी से छन्नी साहू, डोंगरगढ़ से विधायक भुनेश्वर बघेल, डोंगरगांव से विधायक दिलेश्वर साहू, मानपुर मोहला से इंदर साह मंडावी सभी सक्रिय हो चुके है। सभी जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहें हैं। सरकार की योजनाओं का प्रचार कर रहें हैं। इसी तरह बालोद जिले से संगीता सिन्हा, डौण्डीलोहरा मंत्री अनिला भेडिया, गुंडरदेही से कुंवर सिंह निषाद नें आम जनता के बीच सक्रियता बढ़ा दी है।

दुर्ग में भाजपा के लिए बड़ा चैलेंज
छत्तीसगढ़ के दुर्ग सँभाग में 20 विधानसभा सीटें आती है इनमें से सिर्फ दो पर भाजपा का कब्जा है। बाकी 18 पर कांग्रेस के विधायकों ने जीत हासिल की थी। इस सँभाग में जिलों की संख्या अब सात हो चुकी है। इस सँभाग से 5 मंत्री और एक मुख्यमंत्री आते हैं। जिसके चलते भाजपा को यहां पुनः स्थापित होना एक बड़ा चैलेंज बन गया है। जबकि 2018 के चुनाव में राजनांदगांव से पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह और वैशालीनगर से विद्यारतन भसीन जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं।
यह भी पढ़ें,, Chhattisgarh: भाजपा नेताओं को मिला 2023 चुनाव में जीत का मंत्र, शक्ति केंद्रों के दम पर कमल खिलाने की तैयारी












Click it and Unblock the Notifications