छत्तीसगढ़: सत्ता बरकरार रखने के लिए कांग्रेस को बघेल सरकार की योजनाओं पर भरोसा
Chhattisgarh Election 2023: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान हो चुका है। चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि राज्य में दो चरणों में मतदान होगा। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 7 नवंबर और 17 नवंबर को दो चरणों में होगा। जिसके नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे।
सत्तारूढ़ कांग्रेस छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर भरोसा करके सत्ता बरकरार रखना चाहती है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कथित भ्रष्टाचार, धार्मिक, धर्मांतरण और अधूरे चुनावी वादों के मुद्दों पर घेरने की कोशिश में है।

दोनों दलों ने कहा है कि वे किसी भी नेता को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश करके चुनाव नहीं लड़ेंगे। ऐसे में जानिए चुनावों में किन मुद्दों के हावी रहने की उम्मीद है।
भ्रष्टाचार: कोयला खनन, शराब व्यापार, जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ), गोबर खरीद योजना और लोक सेवा आयोग में कथित घोटालों को लेकर कांग्रेस सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कथित 'कोयला लेवी' रैकेट, शराब घोटाला, डीएमएफ फंड उपयोग और एक अवैध ऑनलाइन गेमिंग/सट्टेबाजी ऐप से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित शीर्ष भाजपा नेताओं ने अपनी हालिया रैलियों में इन मुद्दों पर बात की और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर छत्तीसगढ़ को कांग्रेस के लिए 'एटीएम' में बदलने का आरोप लगाया। हमले का जवाब देते हुए सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर उनकी सरकार की छवि खराब करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
किसानों के लिए योजनाएं: तीन प्रमुख किसान समर्थक योजनाओं ने कांग्रेस को ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद की है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत सरकार ने खरीफ धान उगाने वाले करीब 23 लाख किसानों को 21,912 करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी दी है।
गोधन न्याय योजना (गोबर खरीदी योजना) के तहत पशुपालकों, गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 580 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर कृषि न्याय योजना ग्रामीण क्षेत्रों में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवारों को वार्षिक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 3.55 लाख लाभार्थियों को 7,000 रुपये की सहायता प्रदान की जा रही है।
बघेल सरकार ने यह भी घोषणा की है कि वह चालू खरीफ सीजन के दौरान पहले के 15 क्विंटल के मुकाबले 20 क्विंटल धान खरीदेगी। इन योजनाओं का सकारात्मक असर बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर सकता है।
उप-राष्ट्रवाद: मुख्यमंत्री बघेल ने पिछले पांच वर्षों में उप-राष्ट्रवाद और क्षेत्रीय गौरव की अपील करने का कोई मौका नहीं गंवाया। कांग्रेस ने दावा किया कि 15 साल के बीजेपी शासनकाल में छत्तीसगढ़वासी पूरी तरह से हाशिये पर थे। बघेल ने क्षेत्रीय त्योहारों, खेल, कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया।
उदाहरण के लिए उन्होंने निर्देश दिया कि हर जिले में 'छत्तीसगढ़ महतारी' (छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाली एक मातृ छवि) की एक प्रतिमा लगाई जाए। सीएम के आधिकारिक आवास ने तीजा-पोरा और गोवर्धन पूजा जैसे त्योहारों की मेजबानी की। सरकार ने राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का भी आयोजन किया, आदिवासी क्षेत्रों में देवगुड़ी और घोटुल (पारंपरिक सामुदायिक केंद्र) का निर्माण किया और आदिवासी परब सम्मान निधि की स्थापना की।












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