BJP के पूर्व विधायक युद्धवीर सिंह का 37 साल की उम्र में निधन, होने वाला था लीवर ट्रांसप्लांट
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के फायर ब्रांड नेता और स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के छोटे बेटे युद्धवीर सिंह का महज 37 साल की उम्र में निधन हो गया। सोमवार की सुबह 4 बजे करीब उन्होंने आखिरी सांस ली। वह पिछले कई दिनों से लीवर की समस्या से जूझ रहे थे। उन्हें पहले दिल्ली और फिर बेंगलरू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका लीवर ट्रांसप्लांट होने था। लेकिन उससे पहले ही उनकी स्थिति बिगड़ गई। उन्हें चिकित्सकों ने वेंटिलेटर पर रखा लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उनकी जान नहीं बचा सकी।

छत्तीसगढ़ की राजनीति और जशपुर क्षेत्र के युवाओं को युद्धवीर सिंह जूदेव के निधन से बड़ा झटका लगा है। अपने बेबाक बोल के चलते युद्धवीर विपक्ष में रहते हुए भी हमेशा सुर्खियों में रहते थे। भ्रष्टाचार के साथ-साथ वह हर बात दमदार तरीके उठाते थे। इसके चलते वह युवाओं के बीच काफी तेजी से लोकप्रिय हो गए थे। कठिन चुनौतियों के बाद भी उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। युद्धवीर सिंह अपने स्वर्गीय पिता जूदेव सिंह के नक्शे कदम पर चलते रहे।
उनकी इसी काबिलियत ने उन्हें कम समय में ही राजनीतिक जीवन में पहचान दे दी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद से उनका सफर शुरू हुआ। इसके बाद वे चंद्रपुर विधानसभा सीट से दो बार विधायक चुने गए। पहली बार साल 2008 में और साल 2013 में दूसरी बार विधायक बने। वह संसदीय सचिव और विधायिकी के दूसरे कार्यकाल में बेवरेज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष भी बनाए गए।
युद्धवीर सिंह बीमार होने के बाद भी अंतिम समय तक लोगों के लिए संघर्ष करते रहे। भ्रष्टाचार सहित कई मुद्दों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए आवाज उठाते रहे। जीवन के आखिरी पड़ाव में उन्होंने बहुजन हिंदू परिषद की कमान संभाली और हिंदुत्व के लिए बोलते रहे। वहीं भ्रष्टाचार और शासन-प्रशासन की अनियमितताओं को लेकर, राज्य की ज्वलन्त समस्याओं पर आवाज बुलंद की।












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