बालोद में सीएम भूपेश को मिल गए स्कूल के दोस्त, कहा, तै इंहा कईसे, फिर स्कूल की यादें हो गई ताजा
बालोद,19 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के तहत बालोद जिले के दौरे पर हैं। यहां गुंडरदेही, डौण्डी लोहरा, बालोद और गुरुर के अलग अलग गांवो में वे जनता के बीच पहुंच रहें हैं। इस बीच सीएम बड़े सहज अंदाज में लोगों से चर्चा कर रहें है। लेकिन जब वे गुंडरदेही के विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बेलौदी पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें अपने पुराने मित्र गंगूराम साहू मिल गए।

सीएम ने पूछा "तै इंहा कईसे तोर गांव तो गुढ़ियारी हरे न"
सेवानिवृत शिक्षक और स्कूल के जमाने के अपने मित्र को अचानक देखकर मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल ने पूछा अरे "गंगूराम, तै इंहा कइसे, तोर गांव तो गुढियारी (पाटन) हरे ना?, तब गंगूराम साहू ने बताया कि वह रिटायर हो गए हैं और अब वह इन दिनों अपने ससुराल ग्राम बेलौदी में ही निवास करते हैं। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए अपने पास बुला लिया। दोनों सहपाठी ने आपस में संक्षिप्त चर्चा करते हुए स्कूल के दिनों की याद ताजा करने लगे।

गंगूराम ने कहा सीएम बनने के बाद भी नहीं बदले भूपेश
गंगूराम साहू और सीएम भूपेश के बीच कुछ देर चर्चा हुई जिसमें सीएम की बातों को सुनकर आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि इतने दिनों बाद भी उन्हें स्कूल के दिनों की बातें याद हैं, जबकि आज एक मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी दिनचर्या बेहद व्यस्त रहती है। गंगूराम साहू ने कहा कि वास्तव में मुख्यमंत्री आज भी जमीन से जुड़े हुए हैं, और सहपाठियों के नाम उन्हें जुबानी याद हैं।

मर्रा स्कूल से रिटायर्ड हुए है गंगूराम
गंगूराम साहू ने सीएम से चर्चा के दौरान उन्हें यह भी बताया कि जिस मर्रा (पाटन) के स्कूल से हमने पढ़ाई की। वहीं पर उन्होंने शिक्षक के तौर पर अपनी सेवाएं भी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने उनके कंधे पर थपकियां लगाकर कहा कि उन्हें यह बात पहले से ही पता है।

6 वी से 12 वीं तक सीएम के सहपाठी रहे हैं गंगूराम
मर्रा स्कूल से सेवानिवृत्त हुए 63 वर्षीय गंगूराम साहू ने बताया कि शासकीय मिडिल स्कूल व हाई स्कूल मर्रा में कक्षा छठवीं से 12वी तक वे मुख्यमंत्री के सहपाठी रहे। उन्होंने यह भी बताया कि उस समय मुख्यमंत्री काफी मेधावी छात्र तो थे ही, साथ में वे अधिकारों को लेकर बेहद जुझारू भी रहे।

छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे सीएम
सीएम भूपेश बघेल के मित्र गंगूराम ने बताया कि हाई स्कूल की पढ़ाई के दौरान वे छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। संभवतः उनके उत्कृष्ट नेतृत्व की नींव इसी स्कूल में पड़ी। स्कूल के दिनों के सखा, जो आज मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश की सेवा कर रहे हैं उनकी शालीनता, सादगी और सहृदयता को देखकर वृद्ध गंगूराम भावुक हो उठे।












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