पंजाब: चुनाव से पहले 5 रुपये में खाना देने का कांग्रेस ने किया था वादा, अब 13 रुपये वसूलेगी सरकार
पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग में 124 मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि सरकार ने डिसेंट खाने पर चर्चा का एजेंडा अभी प्रस्तावित रखा है। इस पर आगे आने वाले वक्त में चर्चा की योजना है।
चंडीगढ़। पंजाब में हाल के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से सरकार बनने पर 5 रुपये में गरीबों को खाना देने का वादा किया गया था। हालांकि चुनाव के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में बनी सरकार ने 5 रुपये में खाना देने की योजना पर नजर डाली सच्चाई बिल्कुल अलग निकली। फिलहाल सरकार ने 13 रुपये में खाना देने का ऐलान किया है। सरकारी कैंटीन में खाना उपलब्ध रहेगा। सरकार ने आय-व्यय की तुलना करने पर पाया कि 5 रुपये में खाना देने से सरकारी खजाने में काफी बोझ बढ़ जाएगा। आखिरकार सरकार ने 5 रुपये की जगह 13 रुपये में खाना देने की योजना शुरू करने का प्लान बनाया है।

13 रुपये में खाना मुहैया कराएगी सरकार
पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग में 124 मुद्दों पर चर्चा हुई। हालांकि सरकार ने डिसेंट खाने पर चर्चा का एजेंडा अभी प्रस्तावित रखा है। इस पर आगे आने वाले वक्त में चर्चा की योजना है। सरकार का प्लान अभी केवल उन एजेंडों को आगे लेकर जाने में है जिसमें वित्तीय स्थिति थोड़ी मजबूत हो। पंजाब के राज्यपाल ने भी जब विधानसभा में संबोधन दिया तो उन्होंने कांग्रेस के घोषणापत्र में किए गए वादों का ही जिक्र किया। हालांकि इसमें डिसेंट मील स्कीम की चर्चा नहीं थी। इसे जून के बजट में नहीं रखा गया।
सरकार के सूत्रों के मुताबिक इस योजना को लेकर विचार विमर्श में पाया गया कि 5 रुपये में 6 रोटी और सब्जी या दाल मुहैया कराना मुश्किल है। वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सब्सिडी वाला खाना देने में सरकारी खजाने में बोझ बढ़ेगा। ऐसे में हमने न फायदा, न नुकसान की स्कीम पर चलते हुए खाने की कीमत 13 रुपये रखी है। हम इसी रकम पर खाना मुहैया कराएंगे। हमने डिसेंट मील को लेकर अन्य राज्यों और चंडीगढ़ की तुलना की है। चंडीगढ़ में खाना 10 रुपये में उपलब्ध है, हालांकि इससे जुड़े स्टाफ की सैलरी को जोड़कर ये आंकड़ा 13 रुपये पहुंच जाता है। वहीं इन सबके बीच पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि सरकार अपना वादा पूरा करेगी।












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