Zilingo CEO Ankiti Bose ने मांगा 8.20 अरब रुपये से अधिक का हर्जाना! महेश मूर्ति के खिलाफ मानहानि का केस
Zilingo CEO Ankiti Bose ने 100 मिलियन डॉलर यानी 8.20 अरब रुपये से अधिक का हर्जाना मांगा है। उन्होंने महेश मूर्ति के खिलाफ Defamation का मुकदमे दायर किया है। जानिए पूरा मामला

Zilingo CEO Ankiti Bose ने Mahesh Murthy के खिलाफ मानहानि का केस किया है। 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के इस भारी भरकम मुकदमे में महेश मूर्ति पर सीईओ अंकिति के खिलाफ लेख प्रकाशित करने का आरोप लगाया है।
हर्जाना मांगने वाली CEO किस फर्म में
आरोप है कि महेश ने Defamatory Article प्रकाशित किया, जिससे सम्मान को ठेस पहुंची। हर्जाने के तौर पर 100 मिलियन डॉलर मांगे गए हैं। अंकिति फैशन टेक फर्म जिलिंगो की को-फाउंडर हैं।
20 अप्रैल को दर्ज हुआ मुकदमा
जिलिंगो की सीईओ अंकिति बोस ने 'मानहानि' वाले लेख के लिए महेश मूर्ति के खिलाफ 100 मिलियन का मानहानि का मामला किस अदालत में दायर किया है, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है। रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत 20 अप्रैल को दर्ज की गई। वर्तमान में केस शुरुआती चरण में हैं।
एंजेल निवेशक के खिलाफ मानहानि का मुकदमा
सिंगापुर में फैशन टेक्नोलॉजी कंपनी जिलिंगो की सह-संस्थापक अंकिति बोस ने प्रमुख एंजेल निवेशक और सीडफंड के सह-संस्थापक महेश मूर्ति के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
एक मार्च को लेख छपा, अब लीगल एक्शन
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी की रिपोर्ट में कहा गया कि आउटलुक बिजनेस पत्रिका के 1 मार्च के अंक में मूर्ति के लेख को अंकिति ने आपत्तिजनक माना है। इसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की शुरुआत की है।
अप्रैल, 2022 में निलंबन
लेख में मूर्ति ने बोस पर एक स्टार्टअप से अवैध रूप से पैसा लेने का आरोप लगाया है। Inc42 के अनुसार, संगठन में कुछ अज्ञात अंदरूनी लोगों ने अनुचित व्यवहार के कई दावे किए। इसके परिणामस्वरूप अप्रैल 2022 में अंकिति बोस को ज़िलिंगो ने निलंबित कर दिया।
सीधे नाम नहीं लिया गया
जिलिंगो की सीईओ के मानहानि के इस मामले में हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट भी सामने आई थी। इसके अनुसार, मूर्ति ने लेख में अंकिति बोस का नाम नहीं लिया, लेकिन कई संकेत दिए।
लेख में फैशन पोर्टल चलाने वाली महिला का जिक्र
अपने स्टार्टअप्स से अवैध रूप से पैसे लेने वाले संस्थापकों का जिक्र करते हुए, मूर्ति ने लेख में "एक महिला" का उल्लेख किया। उन्होंने लिखा, महिला "एक लोकप्रिय फैशन पोर्टल चलाती थी और सिकोइया के पैसे लेती थी।"
वकील की फीस 70 करोड़!
मूर्ति ने आरोप लगाया, "उसने अपनी फर्म से अपने वकील को फीस के रूप में 70 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए कहा।" उन्होंने कहा, यह अफवाह है कि उस राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे खुद अंकिति को वापस मिल गया।
Zilingo CEO ने कहा, सबूत पेश नहीं किए गए
मानहानि के मामले में अंकिति ने कहा, "तथ्य यह है कि, मेरे सामने कोई सबूत पेश नहीं किया गया था; मुझे कोई रिपोर्ट पेश नहीं की गई। बहुत सारे मीडिया बयान थे। अज्ञात स्रोत से बातें हुईं, लेकिन किसी ने भी सीधे रिकॉर्ड पर कुछ नहीं कहा।
₹ 8.20 अरब से अधिक का हर्जाना क्यों
अंकिति बोस ने कहा कि 100 मिलियन डॉलर की गणना और अन्य बातों के अलावा, ज़िलिंगो में उनकी इक्विटी की शेष राशि "इस तरह के बयानों से भविष्य के प्रयासों को प्रभावित कर सकने वाले नुकसान" को ध्यान में रखते हुए तय की गई।












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