Year Ender 2024: भारत समेत 7 देशों में UPI पेमेंट्स की धूम, अब सिंगापुर समेत 4 और देशों के लिए NIPLने बढाए कदम
Year Ender 2024: भारत के अलावा दुनिया के कई देशों में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस तकनीकी की शुरुआत के साथ ही भुगतान के तरीकों में बड़े बदलाव देखे गए हैं। वर्ष 2024 इस क्षेत्र लिए भारत की बड़ी उपलब्धि लेकर आया। अब एनसीपीआई (National Payments Corporation of India) चार और देशों में यूपीआई की शुरुआत करने की तैयारी कर रहा है। जिसमें कतर, थाईलैंड और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई देश शामिल हैं।
यूपाई भुगतान की सुविधा मौजूदा समय में भारत समेत कुल सात देशों के लिए मौजूद है। इसमें भारत के अलावा भूटान, मॉरीशस, नेपाल, सिंगापुर, श्रीलंका और फ्रांस शामिल हैं। यहां BHIM, PhonePe, Paytm और Google Pay जैसे 20 ऐप इन अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की अनुमति है। यूपीआई ने इस साल जनवरी से नवंबर तक 223 लाख करोड़ रुपये के 15,547 करोड़ लेनदेन का लक्ष्य हासिल किया है। इस आंकड़े से साफ पता चलता है कि UPI का चलन कितना बढ़ रहा है। वहीं वर्ष 2025 तक कुछ और देशों में भी UPI लाने की योजना है।

2025 के अंत तक इन देशों में यूपीआई पेमेंट की तैयारी
भारत के साथ यूपीआई पेमेंट को लेकर कई देश वार्ता कर रहे हैं। यूपीआई पेरू, नामीबिया और त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देशों के सहयोग से यूपीआई भुगतान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं।
भारत में P2P और P2M लेनदेन को बढ़ावा
भारत का विदेशों के साथ डिजिटल पेमेंट भुगतान की सुविधा के व्यापक उद्देश्य हैं। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया कि भारत में विदेश के लिए यूपीआई भुगतान को अनुमति के तहत पी2पी (पीयर-टू-पीयर) और पी2एम (पीयर-टू-मर्चेंट) ट्रांजेक्शन बढ़ेगा। इसके लिए एनआईपीएल ठोस रणनीति के तहत कदम बढ़ा रहा है। द्विपक्षीय और दूसरा बहुपक्षीय समझौतों में बीआईएस (बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स) का प्रोजेक्ट नेक्सस शामिल है। यह भारत, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड के केंद्रीय बैंकों के साथ मिलकर विभिन्न देशों की तत्काल भुगतान प्रणालियों को भारत के यूपीआई भुगतान के जोड़ने का प्रयास माना जा रहा है।
यूपीआई पेरू, नामीबिया और त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देशों के सहयोग से भारत की वास्तविक समय भुगतान प्रणाली की तरह एक प्रणाली भी विकसित कर रहा है। शुक्ला ने कहा, "हम अन्य देशों को उनकी घरेलू भुगतान जरूरतों के लिए सक्षम बनाने में मदद कर रहे हैं। जब ये सिस्टम तैयार हो जाएंगे, तो हम उन्हें भारत से जोड़ने का प्रयास करेंगे ताकि दोनों देशों के बीच सीमा पार से भुगतान किया जा सके।"
P2P और P2M समीकरण
इसका उद्देश्य विदेश में पी2पी (पीयर-टू-पीयर) और पी2एम (पीयर-टू-मर्चेंट) लेनदेन को बढ़ावा देना है। यह भारत में UPI की तरह काम करता है। एनआईपीएल पी2पी लेनदेन के लिए दो रणनीतियों पर काम कर रहा है। पहला द्विपक्षीय और दूसरा बहुपक्षीय. बहुपक्षीय प्रयासों में बीआईएस (बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स) का प्रोजेक्ट नेक्सस शामिल है। यह भारत, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड के केंद्रीय बैंकों के साथ मिलकर विभिन्न देशों की तत्काल भुगतान प्रणालियों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है।












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