Budget 2023: मोबाइल बैन, घर से दूर, एक जगह पर 10 दिनों तक कैद रहते हैं अधिकारी, कुछ ऐसे तैयार होता है बजट
देश का बजट तैयार करने में सैकड़ों अधिकारियों की मेहनत होती है। देश का बजट तैयार करना और उसकी गोपनीयता बनाए रखना एक बहुत ही मुश्किल भरा काम होता है। कई अधिकारी 10-12 दिनों तक एक जगह पर कैद रहते हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बजट 2023- 24 तैयार हो चुका है। इस बार के बजट से आम आदमी की उम्मीदें और अपेक्षाएं बहुत ज्यादा है। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार पांचवां बजट है। ये बजट इस साल खास इसलिए भी है क्योंकि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार का ये आखिरी पूर्ण बजट है। वित्त मंत्री जो बजट भाषण देती हैं, उसको तैयार करने के लिए एक बड़ी टीम होती है। जो दिन-रात काम करके ये बजट तैयार करती है। सैकड़ों अधिकारियों की टीम मिलकर बजट बनाती है, तब जाकर ये फैसला होता है कि पूरे साल देश कैसे चलेगा, किस विभाग को कितने पैसे दिए जाएंगे। बजट को फाइनल करने के लिए अधिकारी करीब 10 दिनों तक एक ही जगह पर कैद होकर बजट तैयार करते हैं। इस दौरान वह बाहरी दुनिया के बिल्कुल संपंर्क में नहीं होते हैं। अधिकारी मोबाइल फोन, इंटरनेट जैसी सुविधाओं का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं। बजट दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने के लिए ऐसा किया जाता है।

10 दिनों के लिए कैद हो जाते हैं 100 से अधिक अधिकारी
हलवा सेरेमनी के बाद से ही वित्त मंत्रालय के 100 अधिकारी नार्थ ब्लॉक के बेसमेंट में कैद हो जाते हैं। हलवा सेरेमनी के बाद से ही बजट डॉक्यूमेंट्स संबंधी प्रक्रिया शुरू हो जाती है। नार्थ ब्लॉक के बेसमेंट में अधिकारी 10 दिनों तक कैद रहते हैं। 10 दिनों का मतलब है 14,400 मिनट, एक जगह पर कैद रहकर बजट तैयार करते हैं। बजट डॉक्यूमेंट्स संबंधी प्रक्रिया के दौरान सिर्फ वित्त मंत्रालय के बेहद वरिष्ठ और भरोसेमंद अधिकारियों को ही घर जाने की अनुमति होती है।

मोबाइल-इंटरनेट इस्तेमाल पर भी होता है बैन
आपको जानकार हैरानी होगी कि इन 10 दिनों के भीतर 100 अधिकारियों को मोबाइल फोन और इंटरनेट इस्तेमान करने की इजाजत नहीं होती है। जिन कंप्यूटरों पर बजट डॉक्यूमेंट होता है, उसका इंटरनेट और एनआईसी के सर्वर को डिलिंक कर दिया जाता है, ताकि ये किसी तरह से लिक ना हो। कंप्यूटरों को केवल प्रिंटर और छपाई मशीन से ही कनेक्ट रखा जाता है। जरूरत पड़ने पर दिन में सिर्फ एक बार बजट में शामिल अधिकारी सिर्फ नामित मोबाइल फोन से अपने परिवार से बात कर सकते हैं।

हाई- अलर्ट पर होती है सुरक्षा व्यवस्था
जब तक बजट संसद में पेश नहीं हो जाता, तब तक उसकी सुरक्षा में सैकड़ों जवानों को तैनात किया जाता है। सुरक्षा व्यवस्था हाई- अलर्ट पर होती है। कोई भी बाहरी व्यक्ति वित्त मंत्रालय में प्रवेश नहीं कर सकता है। बजट डॉक्यूमेंट्स संबंधी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों को वित्त मंत्रालय से बाहर निकलने या किसी से मिलने की अनुमति बिल्कुल नहीं होती है।
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