जेटली ने कहा ब्रेग्जिट के प्रभावों से निबटने के लिए भारत तैयार
नई दिल्ली। ब्रिटेन के जनमत संग्रह पर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा है कि भारत ने भी दुनिया के बाकी देशों की तरह ब्रिटेन के लोगों का यूरोपीय यूनियन में रहने या बाहर जाने पर हुए जनमत संग्रह का निर्णय देखा है। भारत उस जनमत संग्रह के निर्णय का सम्मान करता है। साथ ही आने वाले समय में और मध्यम अवधि में इसके महत्व से अवगत हैं।

चौकन्ना रहना होगा भारत को
जेटली के मुताबिक वह पहले भी कह चुके हैं कि इस वैश्विक दुनिया में परिवर्तनशीलता और अनिश्चितता नये मानक हैं। इस निर्णय से निश्चित रूप से भविष्य में उतार-चढ़ाव होगा, क्योंकि ब्रिटेन, यूरोप और बाकी बचे दुनिया के लिए इसका पूर्ण तात्पर्य अब तक अनिश्चित है।
दुनिया के सभी देशों को एक निश्चित अवधि के लिए इस जनमत संग्रह से होने वाले मध्यम अवधि के प्रभावों के लिए अपने आपको तैयार और चौकन्ना रखना होगा।
जेटली ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था ब्रेग्जिट से पैदा लघु और मध्यम परिणामों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
भारत अपने व्यापक आर्थिक ढांचे के स्थायित्व को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और राजकोषीय अनुशासन तथा मुद्रा स्फीति में गिरावट के साथ भारत का व्यापक आर्थिक ढांचा बहुत ही सामान्य स्थिति में है। भारत की तात्कालिक और मध्यम अवधि की सुरक्षा मजबूत है।
सुधर रही है मुद्रास्फीति की हालत
अनिश्चितता के इस दौर में निवेशकर्ता जब पूरे विश्व में सुरक्षित ठिकानों की तलाश कर रहे हैं, तब भारत स्थिरता और विकास दोनों ही रूप में मजबूती से खड़ा है।
जैसा कि आप सब जानते हैं कि भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। पूरे भारत में हो रही अच्छे मानसून के कारण हमारे विकास और मुद्रा स्फीति में सुधार हो रहा है।
लघु अवधि में होने वाले किसी प्रकार के उतार-चढ़ाव से निपटने के लिए सरकार, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, अन्य नियामक पूरी तरह से तैयार हैं और साथ-साथ काम कर रहे हैं।
हमारा उद्देश्य इस उतार-चढ़ाव को कम करना और अर्थव्यवस्था पर लघु अवधि के लिए इसके प्रभाव को कम करना है।












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