भारत से कारोबार समेट सकती है Vodafone, लगातार घाटे के चलते गहराया संकट
नई दिल्ली। पहले से भारी वित्तीय दबाव झेल रहे टेलीकॉम सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन जल्द ही भारत में अपना कारोबार समेटने पर विचार कर रही है। ऐसी खबरें हैं कि लगातार घाटे के चलते वोडाफोन कभी भी अपनी सर्विस बंद कर सकती है। कहा ये भी जा रहा कि कंपनी किसी भी दिन ये कदम उठा सकती है। अगर ऐसा होता है तो इससे वोडाफोन सब्सक्राइबर्स को थोड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल इन खबरों को लेकर अभी तक कंपनी की ओर से स्पष्ट तौर पर कोई जवाब नहीं आया है।

लगातार घाटे के चलते किसी भी समय कंपनी समेट सकती है कारोबार
न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, वोडाफोन-आइडिया की संयुक्त कंपनी का परिचालन घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है। कंपनी के हर महीने लाखों की संख्या में सब्सक्राइबर्स कम हो रहे हैं। इसके साथ ही शेयरों में भी गिरावट के चलते इसका बाजार पूंजीकरण लगातार घटता जा रहा है। इन सभी वजहों के चलते ऐसा माना जा रहा कि वोडाफोन अपना कारोबार भारत में कभी भी समेट सकती है। मूल रूप से ब्रिटेन की कंपनी वोडाफोन से जब इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उनकी तरफ से इस पर स्पष्ट तौर से कोई जवाब नहीं दिया गया। कंपनी के प्रवक्ता की ओर से केवल यही कहा गया कि हमें इस बारे में जो भी जानकारी मिलेगी उसे जरूर मुहैया कराई जाएगी।

वोडाफोन-आइडिया की संयुक्त कंपनी का परिचालन घाटा बढ़ा
वोडाफोन को इस साल की हालिया वित्तीय तिमाही में बड़े नुकसान की सूचना मिली है। वोडाफोन के आदित्य बिड़ला समूह के स्वामित्व वाले आइडिया सेल्युलर कंपनी संग विलय के बाद कंपनी के शेयर मार्केट वैल्यू में लगातार गिरावट आ रही है। इस बार पहले क्वार्टर (जून 2019) में कंपनी को करीब 4067 करोड़ रुपये का कुल नुकसान हुआ है, जो कि पिछले पहले क्वार्टर जून 2018 में कुल घाटा 2757 करोड़ रुपये था।

कंपनी के शेयर मार्केट वैल्यू में लगातार गिरावट
कुछ दिन पहले ऐसी चर्चा थी कि वोडाफोन ने अपने कर्जदारों से भुगतान के तरीकों में बदलाव की गुजारिश की है, लेकिन बुधवार को कंपनी की तरफ से जारी बयान में इन खबरों का खंडन किया गया। कंपनी की ओर से कहा गया कि उन्होंने अपने कर्जदारों से ऐसी कोई गुजारिश नहीं की है। कंपनी का कहना है कि वह अपने कर्ज को तय समय के मुताबिक ही भुगतान करेगी। हाल ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा एडजस्टेड ग्रास रेवेन्यू (एजीआर) पर दिए गए फैसले के बाद वोडाफोन-आइडिया को तीन माह में 28,309 करोड़ रुपए देने होंगे। इस फैसले के बाद कंपनी के शेयर में लगातार गिरावट को देखने को मिली है।

वोडाफोन ग्राहकों को लग सकता है झटका
फिलहाल पूरे मामले में वोडाफोन की ओर से कहा गया कि कंपनी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विस्तृत अध्ययन कर रही है और अपने अगले कदम को लेकर विचार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कंपनी का शेयर भाव 52 हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया। गुरुवार को कंपनी का शेयर सबसे निचले स्तर के आसपास रहा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कई टेलीकॉम कंपनियां प्रभावित हो रही हैं। जियो के बाजार में आने के बाद पहले से ही टेलीकॉम कंपनियों की वित्तीय स्थिति प्रभावित दिख रही है।












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