टाटा ने शुरू की अंबानी से महामुकाबले की तैयारी, 5 कंज्यूमर ब्रांड खरीदने का मेगा प्लान जानिए
मुंबई, 18 मई: टाटा ग्रुप बहुत जल्द कंज्यूमर ब्रांड में रिलायंस और यूनिलीवर को टक्कर देने की तैयारी कर रहा है। यह ग्रुप अभी इस सेक्टर में पांच बड़े ब्रांड खरीदने के सौदे को लेकर बातचीत कर रहा है। अगर टाटा ग्रुप अपनी योजना के मुताबिक आगे बढ़ने में सफल रहा तो इस सेक्टर में आने वाले समय में बहुत कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। क्योंकि, मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले से ही दर्जनों कंपनियां खरीदने की तैयारियों में जुटी हुई है।

टाटा ने शुरू की अंबानी से महामुकाबले की तैयारी
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक टाटा ने कंज्यूमर ब्रांड के मुकाबले में इस सेक्टर की पहले से स्थापित बड़ी कंपनियां, जैसे कि मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड यूनिलीवर के साथ महामुकाबले की तैयारी शुरू कर दी है। 10,300 करोड़ डॉलर के भारतीय समूह की खाद्य और पेय इकाई टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड देश के प्रतिस्पर्धी कंज्यूमर गूड्स सेक्टर के पांच ब्रांड खरीदने के लिए बातचीत कर रही है और इसको लेकर उसे काफी उम्मीदें हैं।

संभावित टारगेट से बातचीत जारी-टाटा
टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के सीईओ सुनिल डिसूजा ने एक इंटरव्यू में कहा है कि कंपनी के भविष्य के विकास के लिए 'महत्वपूर्ण राशि' इनॉर्गेनिक विस्तार से जुटाई जाएगी। उन्होंने कहा है कि कई कंपनियों के साथ गंभीर बातचीत चल रही है। हालांकि, उन्होंने उन संभावित कंपनियों की ओर इशारा करने से मना कर दिया। अलबत्ता उन्होंने कहा है कि उन कंपनियों से बातचीत की जा रही है, जहां अच्छी वैल्यूशन की उम्मीद है। टाटा की यह कंपनी टाटा टी और एट ओ क्लॉक कॉफी बेचती है। डिसूजा ने कहा, 'हम संभावित टारगेट तक पहुंच रहे, जिनसे बात करने पर उनकी दिलचस्पी का पता चले। '

2020 में स्थापित हुई थी टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड
टाटा के 153 साल पुराने बिजनेस साम्राज्य में टाटा की यह कंपनी 2020 में स्थापित हुई थी। उसके बाद इसने कई कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदकर अपना पोर्टफोलियो बढ़ा लिया है, जिसमें बोतलबंद पानी की कंपनी नरिशको बेवरेजेज लि. और अनाज ब्रैंड सोलफुल शामिल हैं। डिसूजा ने कंज्यूमर ब्रांड के संभावित टारगेट के बारे में कहा है, 'ऐसी कंपनियां हैं जहां वैल्यूएशन अधिक है, लेकिन मैक्रो एन्वॉयर्मेंट, लिक्विडिटी को देखते हुए, बाकी चीजों को देखते हुए, मुझे लगता है कि वे और अधिक किफायती हो जाएंगे।'

60 कंज्यूमर ब्रांड खरीदने की तैयारी में रिलायंस
लेकिन टाटा ग्रुप के लिए कंज्यूमर ब्रांड के बाजार में यह मुकाबला आसान नहीं रहने वाला। उसके सामने वैश्विक विशाल ब्रांड यूनिलीवर भी है और मुकेश अंबानी की महाविशाल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भी। ये दोनों इस क्षेत्र की दिग्गज और स्थापित खिलाड़ी हैं। रॉयटर की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस 6 महीने के भीतर 60 छोटे किराना और घरेलू उपभोक्ता ब्रांड हासिल करने की योजना पर काम कर रहे हैं। रिलायंस कंज्यूमर गुड्स के कारोबार पर काम कर रही है और इसके लिए इसने दर्जनों किराना और गैर-खाद्य ब्रांड को खरीदने की योजना तैयार की है।

मौजूदा हालात में बड़ा कदम
टाटा ग्रुप में अपने बिजनेस में विस्तार की ये योजना ऐसे वक्त में तैयार की है, जब रूस-यूक्रेन यूद्ध की वजह से महंगाई की मार पड़ रही है, सरकार को गेहूं जैसे अनाज की निर्यात रोकना पड़ी है और सप्लाई चेन अस्त-व्यस्त होने के चलते कंज्यूमर गुड्स कंपनियों की इनपुट कीमतें बढ़ गई हैं। करीब 140 करोड़ की आबादी वाले देश में अपना कारोबार बरकार रखने के लिए यूनिलीवर की भारतीय इकाइयों, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और डाबर इंडिया ने भी कीमतें बढ़ाने जैसे कदम उठाए हैं, या सस्ते से सस्ते पैकेट के साइज भी छोटे करके बेचना शुरू किया है। हालांकि, टाटा ने इस क्षेत्र के अपने तीन बिकने वाले मुख्य प्रोडक्ट कॉपी, चाय और नमक की कीमतें तुलनात्मक तौर पर स्थिर बनाए रखा है, लेकिन, ट्रांसपोर्ट और पैकेजिंग पर लागत बढ़ने का दबाव ये कंपनी भी झेल रही है।

चाय की कीमतें स्थिर रहने की संभावना
डिसूजा ने कहा है कि श्रीलंका जो कि ब्लैक टी का बड़ा निर्यातक है, वहां राजनीतिक और आर्थिक संकट की वजह से इसकी कीमतें स्थिर हुई हैं। भारत में भी इस साल अच्छी फसल होने की उम्मीद है, जिसके चलते चाय की कीमतें आमतौर पर कम ही रहने की संभावना है। लेकिन, गेहूं, सूरजमुखी तेल, पाम ऑयल की कीमतों की मार झेलने को सभी मजबूर हैं।












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