तो खत्म हो जाएगा डेबिट-क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला सर्विस चार्ज!
कालेधन को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से न्यायाधीश एमबी शाह की अगुवाई में बनाई गई एसआईटी के सुझाावों को अगर देश में लागू कर दिया जाए तो करोड़ों क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों को राहत मिल सकती है।
अहमदाबाद। कालेधन को लेकर केंद्र सरकार की तरफ से न्यायाधीश एमबी शाह की अगुवाई में बनाई गई एसआईटी के सुझाावों को अगर देश में लागू कर दिया जाए तो करोड़ों क्रेडिट और डेबिट कार्ड धारकों को राहत मिल सकती है। क्योंकि न्यायाधीश एमबी शाह की अगुवाई वाली एसआईटी ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर से ट्रांजेक्शन चार्ज पूरी तरह से खत्म करने का सुझाव दिया है। सरकार अगर ब्लैक मनी पर जस्टिस एमबी शाह की अगुवाई में गठित एसआईटी के सुझावों को स्वीकार कर इन्हें लागू कर दे तो क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर लगने वाला भारी-भरकम लेन-देन वाला चार्ज पूरी तरह खत्म हो जाएगा। शाह पैनल ने इसके अलावा लगातार टैक्स अदा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए चिकित्सा बीमा, जीवन बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी सुझाव केंद्र सरकार को दिया है। इस संबंध में अहमदाबाद में 11 मार्च को केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई।


पूरे देश में 115 करोड़ ऑनलाइन लेन-देन हुए
इसके अलावा न्यायाधीश एमबी शाह की अगुवाई वाली एसआईटी ने ई-ट्रांजैक्शन्ज पर लगने वाले सर्विस चार्ज को खत्म करने का सुझाव भी दिया है। क्रेडिट-डेबिट कार्ड यूज करने वाले लोगों को बैंक और ई-गेटवे मुहैया कराने वाली कंपनियां रोजाना होने वाले करोड़ों लेन-देन पर बड़ी कमाई करते हैं। जनवरी, 2017 में सिर्फ गुजरात में ही 2.95 करोड़ ऑन लाइन लेन-देन हुए जिसमें क्रेडिट-डेबिट कार्ड्स और प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों के जरिए कुल 5,838 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। वहीं जनवरी, 2017 में ही पूरे देश में 115 करोड़ ऑन लाइन लेन-देन हुए।

भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही कर चुका है कटौती
डिजिटल पेमेंट और डिजिटल बैकिंग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही ट्रांजेक्शन चार्ज में बड़ी कटौती कर चुका है। आरबीआई ने डेबिट कार्ड से 1,000 रुपए तक के लेन-देन पर 0.25 प्रतिशत, 2,000 रुपए तक के लेन-देन पर 0.50 फीसदी और 2,000 रुपए से ऊपर के लेन-देन पर 1 फीसदी, वहीं क्रेडिट कार्ड से 1,000 रुपए तक के लेन-देन पर 25 रुपए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) तय कर दिया है। आपको बता चलें कि हर डेबिट-क्रेडिट कार्ड लेन-देन पर बैंक को मिलने वाला चार्ज एमडीआर कहलाता है।

क्या सच में चार्ज खत्म हो जाएगा?
अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने बताया कि बैंक कार्ड के जरिए होने वाले लेन-देन पर चार्ज को कम कर सकते हैं, पर इसे पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पेमेंट गेटवे कंपनियां ऑनलाइन लेन-देन में वेंडर्स की भूमिका निभाती हैं और हर एक ऑनलाइन लेन-देन पर उनकी लागत चुकाने के लिए बैंकों को उन्हें पैसे भी देने होते हैं।

बैंकों पर नकद लेन-देन से लोग हुए परेशान
न्यायाधीश एमबी शाह कमेटी की सिफारिशें इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं क्योंकि बैंकों ने नकद लेन-देन पर अब चार्ज वसूल करना शुरु कर दिया है। ऐसे में संभव है कि कमेटी की इन सिफारिशों को माना भी जा सकता है। एटीएम से नकद निकासी पर भी बैंकों की नजर लगातार बनी हुई है। यह भी कहा जा रहा है कि चार्ज लगाकर लोगों को सीमित संख्या में एटीएम से नकद निकासी करने पर मजबूर किया जा रहा है।

ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग पर खत्म हो चुका है सर्विस चार्ज
केंद्र सरकार इससे पहले ऑनलाइन आईआरसीटीसी की साइट पर रेलवे के टिकट बुक करवाने वाले लोगों को राहत दे चुकी है। सरका ने ग्राहकों को राहत देते हुए रेलवे टिकट की ऑनलाइन बुकिंग पर सर्विस चार्ज को खत्म कर दिया है। इससे भले ही आईआरसीटीसी को घाटा हो रहा है। पर रेलवे टिकट बुक करवाने वाले लोगों को व्यापक पैमाने पर फायदा हो रहा है।












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