RBI के निर्देशों का उल्लंघन करने पर ICICI बैंक पर लगी 58.9 करोड़ रुपये की मॉनिटरी पेनल्टी
नई दिल्ली। आरबीआई यानी कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने निर्देशों का का उल्लंघन करने पर ICICI बैंक 58.9 करोड़ रुपये की मॉनिटरी पेनल्टी लगा दी है। आरबीआई ने बैंक पर यह पेनल्टी बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के प्रावधानों के तहत मिले अधिकारों के आधार पर लगाई है। आरबीआई का कहना है कि ICICI बैंक आरबीआई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर पाया है इसलिए कार्रवाई के तौर पर पेनल्टी लगाई गई है। हालांकि इस कार्रवाई का उद्देश्य बैंक और इसके कस्टमर्स के बीच किसी भी तरह के ट्रान्जेक्शन या एग्रीमेंट की वैलिडिटी पर सवाल उठाना नहीं है।

सीईओ चंदा कोचर सवालों के कटघरे में
वैसे आपको बता दें कि वीडियोकॉन को दिए गए 3250 करोड़ रुपए के लोन मामले में ICICI बैंक से लेकर सीईओ चंदा कोचर सवालों के कटघरे में हैं। उन पर वित्तीय लेन-देन में भ्रष्टाचार करने और परिवारवाद का आरोप लग रहा है।
क्या है पूरा मामला
दिसंबर 2008 में वीडियोकॉन समूह के मालिक वेणुगोपाल धूत ने बैंक की सीईओ और एमडी चंदा कोचर के पति दीपक कोचर और उनके दो संबंधियों के साथ मिलकर एक कंपनी बनाई थी, जिसमें दोनों के बीच 3250 करोड़ की स्वीट डील हुई थी अब आरोप है कि 3250 करोड़ का लोन दिलाने में चंदा कोचर ने मदद की लेकिन, इस लोन का 86 प्रतिशत यानी लगभग 2810 करोड़ रुपए 2017 में बैंक ने एनपीए घोषित कर दिया गया है। धूत लोन की रकम न चुकाने के बाद बैंकों द्वारा डिफॉल्टर घोषित किए जा चुके हैं।
बैंक के बोर्ड की सफाई
हालांकि आईसीआईसीआई बैंक ने कहा कि बोर्ड को बैंक के एमडी और सीईओ चंदा कोचर पर पूरा भरोसा है। चंदा कोचर पर लगे सभी आरोप बेबुनियाद है। आईसीआईसीआई बैंक ने कहा है कि वीडियोकॉन को 20 बैंकों ने लोन दिया था। अन्य बैंकों ने जिन शर्तों पर वीडियोकॉन को लोन दिया था, उसी का पालन बैंक ने भी किया है।












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