RBI ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए GDP में 10.5 फीसदी ग्रोथ का जताया अनुमान
नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक बुधवार को खत्म हो गई। इस मीटिंग के बाद आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मीटिंग में हुए नतीजों का ऐलान किया। रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को भी 10.5 फीसदी तक बरकरार रखा है। आपको बता दें कि पिछले साल भी मौद्रिक नीति समिति ने यही अनुमान जारी किया था। इसके अलावा आरबीआई ने रेपो रेट में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है, जिसकी वजह से ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसी कारण आम लोगों को लोन पर कोई राहत नहीं मिल पाएगी। आरबीआई ने रेपो रेट को 4 फीसदी पर ही बरकरार रखा है।
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कोरोना के प्रसार के बावजूद भी सुधर रही है भारतीय अर्थव्यवस्था- RBI
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कोरोना के प्रसार के बावजूद भी भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है। हालांकि हाल में जिस तरह से मामले बढ़े हैं, उससे थोड़ी अनिश्चिचतता बढ़ी है, लेकिन भारत चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि फरवरी में खुदरा महंगाई 5 फीसदी की ऊंचाई पर रहने के बावजूद यह रिजर्व बैंक के सुविधाजनक सीमा के दायरे में है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए रियल जीडीपी ग्रोथ की दर पहली तिमाही में 26.2 फीसदी, दूसरी तिमाही में 8.3 फीसदी, तीसरी तिमाही में 5.4 फीसदी और चौथी तिमाही में 6.2 फीसदी रह सकती है।
आपको बता दें कि सरकार और आरबीआई ने देश और इकोऩॉमी को कोविड की मार से उबारने के लिए महामारी के दौरान भी कई अहम कोशिशें की थी। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने पिछले साल एक बड़े पैकेज का ऐलान किया था। वहीं आरबीआई ने फाइनेशिंयल सिस्टम को मुश्किल से उभारने के लिए 12.7 लाख करोड़ रुपये के लिक्विडीटी का एलान किया था।












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