Money Printing पर वित्त मंत्री ने विपक्ष को फटकारा, कहा- दबाव में नहीं झुकी मोदी सरकार, कर्ज तले दब जाता देश
Money Printing पर वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने कहा, जो लोग आरोप लगा रहे हैं कि भारत का कर्ज उच्च स्तर तक बढ़ चुका है, ये वही लोग हैं जिन्होंने सरकार को महामारी के दौरान अधिक बैंक नोट प्रिंट कराने, पैसे छापने के बाद लोगों के बीच बांटने की सलाह दी थी।
उन्होंने कहा, अगर सरकार ने उनकी सलाह मान ली होती, तो हम अब तक सबसे अधिक कर्जदार देश बन गए होते और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था नहीं होते। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का दावा है कि भारत आज सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी है।

दिल्ली भाजपा के 'सर्व समाज सम्मेलन' को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है और आने वाले वर्षों में भी रहेगा।
सीतारमण ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि शरद पवार और लालू यादव जैसे विपक्षी नेताओं पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले केजरीवाल अब विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए उनसे मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा, "2012 में, केजरीवाल ने कहा कि शरद पवार का एक स्विस बैंक खाता है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास उनका बैंक खाते का नंबर भी है। केजरीवाल ने 2013 में लालू प्रसाद पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, लेकिन अब वह बैठकें कर रहे हैं।"
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में मोदी सरकार ने सेवा, सुशासन और गरीबों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए देश में "बड़े बदलाव" लाए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण दुनिया के कई देशों की जीडीपी नकारात्मक हो गई।
उन्होंने दावा किया, "हालांकि, भारत अपने सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में तेज गिरावट से उबरने में सफल रहा और दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा। उन्होंने कहा, हम आने वाले वर्षों में भी सबसे तेज अर्थव्यवस्था बने रहेंगे।"
उन्होंने कहा कि दो साल के भीतर देश की जीडीपी शून्य प्रतिशत से 7.7 प्रतिशत तक पहुंची। "त्वरित पुनरुत्थान" (quick revival) मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण हुआ है।
नीचे देखिए वित्त मंत्री की VIDEO-
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोविड टीकों का निर्माण सुनिश्चित किया और इसके टीके की करोड़ों खुराकें दीं, जिससे सरकार में लोगों का विश्वास मजबूत हुआ।
उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को भी फटकार लगाई। वित्त मंत्री ने कहा कि अपोजिशन ने सरकार पर अधिक बैंक नोट छापने और महामारी के दौरान जितना संभव हो उतना ऋण लेने का दबाव बनाने की कोशिश की।
वित्त मंत्री के अनुसार, "अगर विपक्ष के सुझावों का पालन किया जाता तो भारत सबसे भारी ऋणी देश होता। श्रीलंका जैसे कई मध्यम आय वाले देश इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) से पैसा मांग रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी स्थिति को दूर रखा और अर्थव्यवस्था को संभाला।"
सीतारमण ने कहा कि केंद्र ने नौ वर्षों में "भ्रष्टाचार मुक्त और जन कल्याणकारी" शासन प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि इसकी तुलना में दिल्ली में AAP सरकार के सात मंत्री 2015 से जेल गए हैं।












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