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अगर करते हैं Paytm, PhonePe या Mobikwik जैसे मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल तो जरूर जान लें RBI के नए नियम

नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद से डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिला। लोगों में मोबाइल वॉलेट के इस्तेमाल का चलन तेजी से बढ़ने लगा। लोगों ने अपने स्मार्टफोन्स में Paytm, PhonePe, MobikWik जैसे मोबाइल वॉलेट रखने शुरु कर दिए। लोगों को इन मोबाइल वॉलेट की आदत पड़ गई, लेकिन रिजर्व बैंक के निर्देश का पालन नहीं करने की वजह से यह संभावना जताई जा रही है कि 1 मार्च से पेटीएम, फोनपे जैसे तमाम मोबाइल वॉलेट बंद हो सकते हैं। RBI ने मोबाइल वॉलेट का संचालन करने वाली कंपनियों को अपने ग्राहकों का वेरिफिकेशन करने के लिए फरवरी 2019 तक का समय दिया है, लेकिन अधिकांश कंपनियां इस डेडलाइन को पूरा करने से बहुत दूर है और पूरी संभावना है कि फरवरी 2019 तक वो अपने यूजर्स का वेरिफिकेशन नहीं कर पाएंगी। ऐसे में इन कंपनियों के पास अपने वॉलेट बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहेगा। अगर आप भी इन मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए ये जानना जरूरी है कि RBI ने इस वॉलेट के लिए क्या नियम बनाए हैं।

 मोबाइल वॉलेट के लिए RBI के नए गाइडलाइंस

मोबाइल वॉलेट के लिए RBI के नए गाइडलाइंस

मोबाइल वॉलेट के लिए आरबीआई ने नई गाइडलाइन तय की है। नए नियम का मकसद यूजर्स को सुरक्षा देना है। रिजर्व बैंक द्वारा तय किए गए नए नियम से अनैतिक ट्रांजैक्शन और धोखाधड़ी से सुरक्षा मिलेगी। आरबीआई ने मोबाइल वॉलेट यूजर्स को भी वहीं सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश की है जो क्रेडिट और डेबिट कार्ड यूजर्स को मिलती है। नए नियम के तहत मोबाइल वॉलेट से किसी भी तरह का ट्रांजैक्शन होने पर यूजर को SMS के जरिए सूचित किया जाएगा। वहीं कंपनी को ये तय करना होगा कि उसके ग्राहक एसएमएस, ईमेल और नोटिफिकेशन के लिए रजिस्टर्ड हो।

 24/7 कस्टमर केयर

24/7 कस्टमर केयर

RBI के नए नियम के तहत मोबाइल वॉलेट संचालन करने वाली कंपनियों को 24/7 कस्टमर केयर सर्विस और हेल्पलाइन की सुविधा दोनी होगी, ताकि यूजर किसी भी तरह की परेशानी के लिए कंपनी के कस्टमर केयर से किसी भी वक्त संपर्क कर सके।

 रिफंड के लिए नियम

रिफंड के लिए नियम

RBI के निर्देश के मुताबिक अगर किसी मोबाइल वॉलेट यूजर्स को कंपनी की वजह से फ्रॉड, अनदेखी या अनैतिक ट्रांजैक्शन के कारण आर्थिक नुकसान होता है और यूजर 3 दिनों के भीतर इसकी शिकायत करता है तो कंपनी को यूजर को पूरा रिफंड वापस करना होगा। अगर यूजर शिकयत नहीं भी करता है तो भी कंपनी को अपने ग्राहक को रिफंड करना होगा। अगर यूजर 4 से 7 दिन के भीतर शिकायत करता है तो उसे 10000 रुपए या फिर धोखे से खाते से निकाला गया अमाउंट जो भी कम होगा वो रिफंड किया जाएगा। अगर यूजर 7 दिन बाद शिकायत करता है तो आरबीआई द्वारा कंपनी के लिए निर्धारित नियम के मुताबिक रिफंड किया जाएगा।

 10 दिनों के भीतर होगा शिकायतों का निपटारा

10 दिनों के भीतर होगा शिकायतों का निपटारा

फ्रॉड की शिकायत आने पर आरबीआई के मुताबिक मोबाइल वॉलेट संचालन करने वाली कंपनियों को 10 दिनों के भीतर अपने ग्राहक के शिकायतों का निपटारा करना होगा। वहीं किसी भी तरह के विवाद या शिकायत का निपटारा 90 दिनों के भीतर करना होगा। इस समयसीमा में शिकायत का निपटारा नहीं होने पर कंपनी को यूजर को हुए नुकसान का भुगतान करना होगा।

 1 मार्च से नहीं चलेंगे मोबाइल वॉलेट

1 मार्च से नहीं चलेंगे मोबाइल वॉलेट

RBI की नई गाइडलाइन के मुताबिक सभी मोबाइल वॉलेट कंपनियों को 28 फरवरी 2019 तक अपने ग्राहकों का केवाईसी करना होगा। ऐसा नहीं करने पर बिना केवाईसी वाले अकाउंट बंद कर दिए जाएंगे। एक्सपर्ट के मुताबिक ताजा स्थिति के मुताबिक 95 फीसदी मोबाइल वॉलेट 1 मार्च से बंद हो जाएंगे।

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