IRCTC QR code Service: 'अब बदबूदार या गंदे कंबल को नहीं होगा झेलना', रेलवे ने शुरू की ये खास सेवा
Train Bedroll Service: इंडियन रेलवे एशिया का सबसे बड़ा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है, जिसकी स्थापना 8 मई, 1845 में हुई थी।

IRCTC Bedroll: भारतीय रेलवे एसी में यात्रा करने वाले यात्रियों को खाने-पीने से लेकर 'बेड रोल' तक की सारी सुविधाएं प्रदान करता है। अपने 'बेडरोल' में वो दो चादरें, एक कंबल, एक तकिया और एक छोटा तौलिया देता है लेकिन इस सर्विस को लेकर अक्सर लोगों को बहुत सारी शिकायतें रहती हैं।
अब इन सारी बातों से निजात मिलेगी
वो कभी कहते हैं कि ट्रेन में मिले कंबल और चादर काफी गंदे होते हैं। तो कभी वो कहते हैं कि उन्हें आधा सामान मिलता है। जिसकी सुनवाई कोई नहीं करता है लेकिन अब इन सारी बातों से निजात मिलेगी क्योंकि अब रेलवे विभाग ने नई व्यवस्था लागू की है और ये व्यवस्था है क्यूआर कोड (QR Code) की, जिसके जरिए बड़ी आसानी से यात्रीगण अपने चादर और कंबल की सफाई के बारे में पता लगा सकते हैं।
'बेडरोल' के पैकेट पर होगा क्यू आर कोड
आपको बता दें कि यात्रियों को जो 'बेडरोल' दिया जा रहा है, उस पैकेट पर क्यूआर कोड (QR Code) होगा, जिसे कि स्कैन करते ही इंसान को ये पता चल जाएगा कि वो जो कंबल या तकिया यूज कर रहा है, वो कब धोया गया था ? उसे कब पैक किया गया था? अगर 'बेडरोल' की सफाई विवरण से यात्री संतुष्ट नहीं है तो वो अपना पैकेट बदल सकता है।

कोच अटेंडेंट से शिकायत
यही नहीं वो इस बारे में कोच अटेंडेंट से शिकायत भी कर सकता है। ईस्टर्न यूपी के स्टेशनों पर ये सर्विस शुरू भी हो गई है और बहुत जल्द सभी रेलवे स्टेशनो पर भी लागू हो जाएगी।
जिन ट्रेनों में ये सुविधा शुरू हुई है उनके नाम निम्नलिखित हैं...
- रांची राजधानी
- महाबोधि एक्सप्रेस
- पुरुषोत्तम एक्सप्रेस
- भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस
QR कोड क्या होता है?
इंडियन रेलवे की इस सर्विस को समझने से पहले हर किसी को QR कोड को समझने की जरूरत है। आप सभी ने कहीं ना कहीं QR कोड को जरूर देखा होगा, जो कि अजीब से पैटर्न में ब्लैक एंड व्हाईट कलर्स में होता है। जिसे कि स्कैन किया जाता है। आपको बता दें कि QR कोड मे एक यूआरएल इंबेड होता है जो कि छिपा हुआ होता है। जैसे ही हम कोड को अपने फोन से स्कैन करते हैं ये यूआरएल सीधे आपको संबंधित वेबसाइट पर लेकर चला जाता है।

QR Code ने जीवन किया आसान
QR का पूरा नाम Quick Response code होता है। जिसे कि बड़ी ही आसानी से कंप्य्यूर रीड कर लेता है, इसे सबसे पहले जापान में डेवलव किया गया था और ईजली हेंडिल होने की वजह से आज इसका बहुतायत में प्रयोग किया जाता है। QR Code ने आज कल गूगल पे, फोन पे जैसी चीजों को बड़ा आसान कर दिया है।
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