Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

US-Israel Iran War: भारत को जिसका डर था वही हुआ! ईरान ने होर्मुज पर लगा दिया ताला, रुक जाएगी तेल सप्लाई?

US-Israel Iran War: मिडिल ईस्ट (Middle East) में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद पूरा मिडिल ईस्ट जंग जैसे हालात के असर में हैं। ऐसे में दुनिया की अर्थव्यवस्था जिस 'लाइफलाइन' पर टिकी है, उस पर संकट के बादल गहरा गए हैं।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ी समाचार एजेंसी 'तस्नीम' ने रिपोर्ट दी है कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद किया जा रहा है। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर बमबारी के बाद स्थिति पूरी तरह से बिगड़ चुकी है।

warships crosses the Strait of Hormuz

सूत्रों के अनुसार, IRGC समुद्र में मौजूद जहाजों को रेडियो संदेश (VHF Transmission) भेज रही है कि किसी भी जहाज को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ब्रिटेन की समुद्री व्यापार संस्था (UKMTO) और यूरोपीय संघ के मिशन 'एस्पाइड्स' (Aspides) ने भी पुष्टि की है कि उन्हें जहाजों से ऐसी ही चेतावनियां मिलने की कई रिपोर्ट मिली हैं।

वैश्विक तेल बाजार पर चिंता के बादल

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को खुले समुद्र से जोड़ने वाला एकमात्र रास्ता है। दुनिया का लगभग 25% समुद्री तेल व्यापार और 20% गैस इसी संकरे रास्ते से गुजरती है।

  • कीमतों में उछाल: एक्सपर्ट का मानना है कि यदि यह मार्ग एक दिन के लिए भी पूरी तरह बंद होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा $73 से उछलकर $120 से $150 प्रति बैरल तक जा सकती हैं।
  • जहाजों का जमावड़ा: ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, कई टैंकर अब इस मार्ग से बचने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे प्रवेश द्वार के दोनों ओर जहाजों की कतारें लग गई हैं।

भारत के लिए चिंता का विषय!

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में पश्चिम एशिया पर निर्भर है। इस मार्ग के बंद होने का सीधा असर भारत की रसोई और जेब पर पड़ेगा:

  • 50% आयात पर खतरा: आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल मासिक कच्चे तेल आयात का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा इसी होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है।
  • प्रमुख सप्लायर प्रभावित: भारत को इराक, सऊदी अरब, यूएई और कुवैत से मिलने वाला लगभग 26 लाख बैरल प्रतिदिन तेल इसी रास्ते से आता है।
  • विकल्पों की कमी: हालांकि भारत सऊदी अरब की 'ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन' या यूएई की 'फूजैराह पाइपलाइन' जैसे विकल्पों की तलाश कर सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इनकी क्षमता सीमित है और यह पूरी तरह से आपूर्ति की भरपाई नहीं कर पाएंगे।

ईरान का रुख और आर्थिक दांव

ईरान ने वर्षों से धमकी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ, तो वह इस जलमार्ग को ब्लॉक कर देगा। हालांकि, यह कदम ईरान के लिए भी आत्मघाती हो सकता है क्योंकि इससे उसका अपना पेट्रोलियम निर्यात रुक जाएगा और चीन जैसे उसके सबसे बड़े खरीदारों के साथ संबंध तनावपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल, ईरान ने आधिकारिक तौर पर इस आदेश की पुष्टि नहीं की है, लेकिन जमीनी हालात गंभीर बने हुए हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+