Indu Vs TCS: IT शेयर में कोहराम! ₹10 लाख करोड़ के नीचे आया TCS का मार्केट कैप, जानें क्यों भाग रहे निवेशक?
Indu Vs TCS: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार, 12 फरवरी 2026 का दिन आईटी सेक्टर (IT Sector) में भारी उथल-पुथल लेकर आया। वैश्विक संकेतों और घरेलू दबाव के बीच निफ्टी आईटी इंडेक्स में 4.6% तक की ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के बीच हड़कंप मच गया। इस बिकवाली का सबसे बड़ा केंद्र टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) रहा, जिसका मार्केट कैप इस गिरावट के साथ 10 लाख करोड़ रुपये के नीचे फिसल गया।
निवेशकों की चिंता की मुख्य वजह अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़े और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का तेजी से बढ़ता प्रभाव है, जिसे पारंपरिक आईटी मॉडल के लिए खतरा माना जा रहा है। पूरे सेक्टर में फैली इस निराशा ने महज कुछ घंटों में निवेशकों की 1.3 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति स्वाहा कर दी, जिससे साल 2026 में अब तक की यह सबसे बड़ी गिरावट बन गई है।

निफ्टी आईटी में 'ब्लडबाथ', एक ही दिन में 1.3 लाख करोड़ स्वाहा
गुरुवार को बाजार खुलते ही आईटी शेयरों पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 33,471 के निचले स्तर तक गिर गया। साल 2025 में 13% की गिरावट के बाद, 2026 में अब तक यह इंडेक्स 11% और टूट चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सेक्टर में आ रहे संरचनात्मक बदलाव (Structural Shift) का संकेत है।
TCS पर सबसे बड़ी मार, 52 हफ्ते के नए निचले स्तर पर
भारत की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनी TCS के लिए आज का दिन बेहद खराब रहा।
- शेयर का भाव: कारोबार के दौरान टीसीएस का शेयर करीब 4.5% गिरकर ₹2,776 के स्तर पर पहुंच गया, जो इसका 52 हफ्तों का नया लो (Low) है।
- मार्केट कैप: कंपनी का बाजार पूंजीकरण 10 लाख करोड़ रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया।
- रैंकिंग में गिरावट: इस गिरावट के कारण टीसीएस देश की चौथी सबसे मूल्यवान कंपनी का दर्जा भी खो चुकी है, जिसकी जगह अब एसबीआई (SBI) ने ले ली है।
अन्य प्रमुख शेयरों का हाल
गिरावट केवल टीसीएस तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिड-कैप से लेकर लार्ज-कैप तक सभी शेयर लाल निशान में रहे:
- कोफोर्ज (Coforge): 5.5% की गिरावट के साथ इंडेक्स का टॉप लूजर रहा।
- LTIMindtree: इसमें 5% से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई।
दिग्गज कंपनियां: इंफोसिस (Infosys), विप्रो (Wipro), और टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) के शेयरों में भी 4% से 5% तक की भारी गिरावट देखी गई।
बिकवाली के पीछे के 3 बड़े कारण
1. एआई (AI) और 'एंथ्रोपिक' का डर
निवेशकों के मन में यह डर बैठ गया है कि एआई स्टार्टअप्स (जैसे एंथ्रोपिक) पारंपरिक आईटी कंपनियों के बिजनेस मॉडल को चुनौती दे रहे हैं। नए एआई टूल्स कोडिंग और डेटा एनालिसिस जैसे कामों को स्वचालित कर रहे हैं, जिससे भारतीय कंपनियों की डील और मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है।
2. अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़े
अमेरिका में जनवरी के रोजगार आंकड़े उम्मीद से बेहतर आए हैं। यह सुनने में सकारात्मक लग सकता है, लेकिन बाजार के लिए इसका मतलब है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) फिलहाल ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा। उच्च ब्याज दरें वैश्विक आईटी खर्च को कम करती हैं, जिसका सीधा असर भारतीय निर्यात पर पड़ता है।
3. वॉल स्ट्रीट और वैश्विक कमजोरी
पिछले सत्र में अमेरिकी बाजारों (Nasdaq और NYSE) में टेक शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी। वैश्विक स्तर पर तकनीक के प्रति निवेशकों के बदलते नजरिए ने भारतीय बाजारों में भी डर का माहौल पैदा कर दिया।
निवेशकों के लिए आगे की रणनीति
बाजार जानकारों का कहना है कि वर्तमान में आईटी सेक्टर में 'वेट एंड वॉच' (Wait and Watch) की स्थिति है। भारी वॉल्यूम के साथ हुई इस गिरावट ने चार्ट पर 'बेयरिश' (Bearish) संकेत दिए हैं।
सावधानी: विशेषज्ञों ने निवेशकों को किसी भी उछाल पर मुनाफावसूली करने और फिलहाल नई खरीदारी से बचने की सलाह दी है।
फोकस: अब ध्यान इस बात पर होगा कि क्या ये कंपनियां एआई की चुनौती से निपटने के लिए अपनी रणनीति में बदलाव करती हैं।
डिस्क्लेमर: यहां व्यक्त विचार विशेषज्ञों के निजी सुझाव हैं। Oneindia Hindi इनकी पुष्टि नहीं करता और न ही किसी निवेश की सलाह देता है। शेयर बाजार या सराफा बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।












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