भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी, जानिए नया स्तर
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा शुक्रवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में 183 मिलियन अमरीकी डॉलर बढ़कर 560.715 बिलियन अमरीकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इससे पिछले 23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.41 अरब डॉलर बढ़कर 560.53 अरब डॉलर रहा था।

समीक्षा सप्ताह में, विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का कारण विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (एफसीए)का बढ़ना है। एफसीए कुल विदेशी मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा होता है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार समीक्षावधि में एफसीए 81.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 518.34 अरब डॉलर हो गया। एफसीए को दर्शाया डॉलर में जाता है, लेकिन इसमें यूरो, पौंड और येन जैसी अन्य विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती है।
विदेशी मुद्रा भंडार में भले ही वृद्धि देखने को मिल रही हो लेकिन इस दौरान देश के स्वर्ण भंडार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। देश का कुल गोल्ड रिजर्व 60.1 करोड़ डॉलर घटकर 36.26 अरब डॉलर का रह गया। देश को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) से मिला विशेष आहरण अधिकार 60 लाख डॉलर घटकर 1.482 अरब डॉलर रह गया। समीक्षावधि में देश का आईएमएफ के पास जमा मुद्रा भंडार 2.5 करोड़ डॉलर घटकर 4.64 अरब डॉलर रह गया।
जानिए दुनिया में सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार किस देश का
बीते अगस्त में चीन का विदेशी मुद्रा भंडार 10.2 बिलियन डॉलर बढ़ा था। यह लगातार पांचवां महीना था, जबकि चीन का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा। हालांकि, सितंबर में यह 22.1 बिलियन डॉलर घटकर 3143 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया था। तब भी यह भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के मुकाबले पांच गुना से भी ज्यादा है। यदि हम चीन की बात करें तो इस मामले में भी वह हमसे काफी आगे है। बीते सितंबर की समाप्ति पर चीन में कुल 118.202 बिलियन डॉलर का सुरक्षित स्वर्ण भंडार था।












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