मई तक लागू हो जायेगा पूर्ण मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी, जानिए पोर्टेबिलिटी के आसान तरीके
नयी दिल्ली (ब्यूरो)। अब अगर आप एक राज्य से दूसरे राज्य जाते हैं या फिर एक सर्किल से दूसरे सर्किल एरिया में जाते हैं तो नंबर बदलने की झंझट से छुटकारा मिल जायेगा। जी हां सरकार ने टेलिकॉम कंपनियों से 3 मई तक फुल मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) लागू करने को कहा है। सरकार के इस कदम से उपभोक्ताओं को दूसरे राज्य या लाइसेंस सेवा क्षेत्र में स्थानांतरित होने पर अपना नंबर कायम रखने में मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में एमएनपी नियम यूजर्स को एक ही सर्विस एरिया में ऑपरेटरर्स को बदलने पर भी अपना नंबर बरकरार रखने की इजाजत देता है। भारत में कुल 22 टेलिकॉम सर्किल या सर्विस एरिया हैं। आपको नंबर बदले बिना अपना मोबाइल ऑपरेटर बदलने की आजादी अगले साल से मिल जाएगी। ऑपरेटर बदलने के लिए बस आपको एक एसएमएस करना होगा। तो आईए आपको उन आसाना तरीकों को बताते हैं जिसके चलते आप आसानी से नंबर पोर्टबल कर सकेंगे:
- मोबाइल फोन से (PORT) पोर्ट 10 अंकों का मोबाइज नंबर लिखकर उसे यूनिक नंबर 1900 पर मेसैज करना होगा।
- एसएमएस भेजते ही आपको आठ अंकों का यूनिक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) प्राप्त हो जाएगा।
- इस कोड को एक निर्धारित फार्मेट (एमएनपी), कस्टमर एप्लीकेशन फार्म के साथ कंपनी के आउटलेट पर एक फोटो और एड्रेस प्रूफ सहित जमा कराना होगा।
- नई कंपनी द्वारा आपको नई सिम दी जाएगी। यह सुनिश्चित करने के बाद कि कोई बकाया नहीं है मौजूदा कंपनी हरी झंडी देगी।
- प्रक्रिया पूर्ण होने में लगने वाले घंटे एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ता को बताएगी। आपके खाते में से 19 रुपए काटे जाएंगे।
- नेटवर्क शिफ्टिंग का उपभोक्ता को एसएमएस प्राप्त होगा तो उपभोक्ता को नई सिम लगानी होगी। इसके बाद आपकी कंपनी बदल जाएगी।












Click it and Unblock the Notifications