Hindenburg Research: अडानी ग्रुप के बाद ट्विटर के फाउंडर जैक डोर्सी पर फूटा 'हिंडनबर्ग बम', लगाया संगीन आरोप
Hindenburg Research: ट्विटर के फाउंडर जैक डोर्सी की कंपनी के खिलाफ हिंडनबर्ग की रिसर्च सामने आई है, जिसमे कई संगीन आरोप लगाए गए हैं।

Hindenburg Research: अडानी ग्रुप के खिलाफ जिस तरह से हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आई थी, उसके बाद कंपनी के शेयर में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली थी। अडानी ग्रुप के शेयर में कई फीसदी की गिरावट देखने को मिली और शेयर मार्केट में कंपनी के शेयर ढेर हो गए। अडानी ग्रुप के बाद एक बार फिर से हिंडनबर्ग अपनी नई रिपोर्ट लेकर सामने आने वाली है। कंपनी ने सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर के फाउंडर जैक डॉर्सी की अगुवाई वाली पेमेंट फर्म ब्लॉक इंक पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने यूजर्स की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से कहा गया है कि ब्लॉक के पूर्व कर्मचारियों ने 40-75 फीसदी फेक यूजर्स को जोड़कर दिखाया।
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्लॉक इंक ने गलत तरीके से यूजर्स की संख्या को बढ़ाकर दिखाया और ग्राहकों के अधिग्रहण की कीमत को कम करके दिखाया, ताकि कंपनी की कीमत को बढ़ाकर दिखाया जा सके। गौर करने वाली बात है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद अमेरिकी बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ब्लॉक इंक के शेयर में 20 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। गौरतलब है कि ब्लॉक इंक की स्थापना 2009 में की गई थी, यह एक टेक्नोलॉजी कंपनी है।
हिंडनबर्ग रिसर्च ने अपनी वेबसाइट पर इस रिपोर्ट को शेयर किया है, जिसमे कहा गया है कि हमारी दो साल की जांच में यह बात सामने आई है कि ब्लॉक ने सोच-समझककर डेमोग्रोफिक्स का फायदा उठाया, जोकि बिल्कुल गलत है। कंपनी ने निवेशकों को गुमराह किया और आंकड़ों के साथ भी खिलवाड़ किया। कंपनी के कैश ऐप में भी कई तरह की खामिया हैं। कंपनी का मार्केट कैप 44 बिलियिन डॉलर का है।
हिंडनबर्ग रिसर्च ने 23 मार्च की सुबह एक ट्वीट करके इस रिपोर्ट को शेयर किया है। कंपनी ने पहले ही एक नई रिपोर्ट को सामने लाने का दावा किया था। जिसके बाद कंपनी ने आखिरकार अपनी रिपोर्ट को शेयर कर दिया है। बता दें कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने ही ने 24 जनवरी 2023 को अडानी ग्रुप के खिलाफ रिपोर्ट को शेयर की थी। जिसमे कंपनी पर संगीन आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने फर्जी कंपनियों के जरिए हेरफेर किया है और शेयर के दाम को बढ़ाया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद गौतम अडानी की संपत्ति में बड़ी गिरावट हुई थी और वह दुनिया के शीर्ष सबसे अमीर व्यक्तियों की लिस्ट से बाहर हो गए थे।












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