GST compensation: वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा- जून महीने का बकाया ₹ 16,982 करोड़, सरकार करेगी भुगतान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, जून महीने के बकाया जीएसटी कंपनसेशन का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, सरकार 16,982 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी।

GST compensation का हजारों करोड़ रुपये बकाया है। राज्यों को दिए जाने वाले पैसों के बारे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा, कहा- जून महीने का बकाया ₹ 16,982 करोड़ है। आज से सरकार भुगतान करेगी।
जीएसटी मुआवजे का पूरा बकाया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस वार्ता में कहा, हमने आज घोषणा की है कि जीएसटी मुआवजे के लंबित शेष का पूरा बकाया आज से चुका दिया जाएगा। उन्होंने कहा, दूसरे शब्दों में, जीएसटी मुआवजे का पूरा बकाया - जून के लिए कुल 16,982 करोड़ रुपये है जिसका भुगतान कर दिया जाएगा।
राशि की भरपाई भी की जाएगी
भुगतान कब किया जाएगा, इस बारे में वित्त मंत्री ने कहा, यह राशि वास्तव में आज तक मुआवजा कोष में उपलब्ध नहीं है। हमने इस राशि को अपने स्वयं के संसाधनों से जारी करने का निर्णय लिया है। भविष्य में मुआवजा उपकर संग्रह से उतनी ही राशि की भरपाई भी की जाएगी।
पांच साल का पूरा हिसाब हो जाएगा
वित्त मंत्री ने कहा, जीएसटी (राज्यों को मुआवजा) अधिनियम, 2017 में पांच वर्षों के लिए अस्थायी रूप से स्वीकार्य क्षतिपूर्ति उपकर के भुगतान का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार इस परिकल्पना के आधार पर 16,982 करोड़ रुपये रिलीज करेगी, जिससे पूरे पांच साल का हिसाब हो जाएगा।
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49वीं बैठक में कौन-कौन पहुंचे?
वित्त मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल- @FinMinIndia के अनुसार, जीएसटी कंपनसेशन की घोषणा से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 49वीं बैठक की अध्यक्षता की। मीटिंग में केंद्रीय वित्त मंत्री के अलावा केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (विधायिका के साथ) के वित्त मंत्रियों के अलावा केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।

गुटखा व्यवसाय में टैक्स चोरी पर मंथन
बैठक के संबंध में यह अनुमान लगाया गया है कि जीएसटी काउंसिल पान मसाला और गुटखा व्यवसाय में टैक्स चोरी को रोकने के लिए अपीलीय न्यायाधिकरणों और तंत्रों की स्थापना पर चर्चा कर सकती है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष विवेक जौहरी पहले ही कह चुके हैं कि ऑनलाइन गेमिंग और जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण पर मंत्रियों के समूह द्वारा बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट इस बैठक में प्रस्तुत करने की संभावना नहीं है।

जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक
बता दें कि जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक 17 दिसंबर, 2022 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई थी। दालों की भूसी और चाकू पर GST की दर 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दी गई थी। पिछली बैठक में, जीएसटी काउंसिल ने भौतिक साक्ष्यों से छेड़छाड़ सहित तीन अलग-अलग प्रकार के अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की सिफारिश की थी। सिफारिश किसी भी अधिकारी को उसके कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने या रोकने, भौतिक साक्ष्यों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ करने और सूचना प्रदान करने में विफलता से संबंधित हैं।
क्या है GST Compensation?
गौरतलब है कि भारत में एक जुलाई, 2017 से देश में माल और सेवा कर (GST) पेश लागू किया गया। जीएसटी (राज्यों को मुआवजा) अधिनियम, 2017 के प्रावधानों के अनुसार जीएसटी के कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न होने वाले किसी भी राजस्व के नुकसान के लिए राज्यों को पांच साल की अवधि के लिए मुआवजे का आश्वासन दिया गया था।












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