सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बुरी खबर! नहीं मिलेगा 18 महीने का DA/DR
केन्द्र सरकार से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा झटका लगा है। वित्त मंत्रालय ने कोरोना काल में 18 महीने के बकाया DA/DR का भुगतान करने से इंकार कर दिया है।

केंद्र सरकार ने कोविड के समय के मंहगाई भत्ते यानी Dearness Allowance (DA)/DR arrears)और को लेकर सरकारी कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए साफ कर दिया है कि 18 महीने का मंहगाई भत्ते यानी डीए एरियर की बकाया धनराशि नहीं मिलेगी।

सरकार ने कहा ऐसा कोई प्रवाधान नहीं है
राज्यसभा में वित्त मंत्रालय की ओर से क्लियर कर दिया गया है कि तीन किस्तों का रुपया नहीं दिया जाएगा ऐसा कोई प्रवाधान नहीं है। याद रहे कोरोना काल में सरकारी कर्मचारियों की मंहगाई भत्ते यानी DA की तीन किस्त रोक दी थी । ये किस्त 1 जनवरी 2020 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 की थी।

सरकार ने कहा- डीए/डीआर का बकाया जारी करना "व्यावहारिक नहीं
मंगलवार (13 दिसंबर) को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त मंत्रालय ने कहा कि डीए/डीआर का बकाया जारी करना "व्यावहारिक नहीं है। वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या सरकार को 18 महीने यानी जनवरी 2020 से जून 2021 तक के केंद्र सरकार के पेंशनरों को महंगाई राहत के बकाया जारी करने के संबंध में क्या अप्लीकेशन मिली है। जिस पर उन्होंने बताया कि डीए/डीआर बकाया जारी करना संभव नहीं है"क्या सरकार पेंशनरों को 18 महीने की बकाया राशि जारी करने पर गंभीरता से विचार कर रही है इसका उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि डीए/डीआर के बकाया की रिहाई व्यवहारिक नहीं है।

क्यों रोकी गया था डीए और डीआर
मंत्री ने कहा केंद्र सरकार के कर्मचारी / पेंशनभोगियों को डीए / डीआर की तीन किस्तों को फ्रीज करने का निर्णय COVID-19 महामारी के समय में लिया गया था। उस समय सरकार पर दबाव कम करने के लिए आर्थिक व्यवधान पैदा हुआ था। 2020 में महामारी के प्रतिकूल वित्तीय प्रभाव और सरकार द्वारा उठाए गए कल्याणकारी उपायों के वित्तपोषण के कारण वित्तीय वर्ष 2020-21 से परे वित्तीय संकट था, डीए / डीआर की बकाया राशि जारी करना संभव नहीं था।

कर्मचारियों का डीए रोकने से कितनी सरकार की हुई थी बचत
याद रहे कोरोना काल की अवधि में जब ये महंगाई भत्ते को सरकार ने रोका था, कर्मचारियों के इस डीए से सरकार की 34,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है। इसके अलावा केंद्र सरकार के पेंशनर्स की डीआर और सरकारी कर्मचारियों के डीएम का एरियर कुल धनराशि लगभग 34,000 करोड़ रुपए है। स्वैच्छिक एजेंसियों की स्थाई समिति की पेंशन नियमों की समीक्षा के लिए आयोजित एक मीटिंग में, व्यय विभाग (DOI) जो कि वित्त मंत्रालय की एक शाखा है उसे एक प्रतिनिधि ने कहा था कि कोविड समय का DA-DR के एरियर को जारी किया जाएगा।

डीए और डीआर कर्मचारियों का हक है
कर्मचारी यूनियन ने सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि ये डीए और डीआर कर्मचारियों का हक है। सभी कर्मचारियों ने कोरोना में जान जोखिम में डाल कर ड्यूटी की जबकि सरकार ने उस समय मंहगाई भत्ता नहीं बढ़ाया। वहीं कई पेंशनर्स की मौत भी कोरोना काल में हो गई। यूनियन सरकार के इस फैसले का विरोध करने के लिए रणनीति बना रही है।












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