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Gold Hallmarking: 1 जून से बदल जाएगा सोना खरीदने का नियम, लागू होगा गोल्ड हॉलमार्किंग का दूसरा चरण

Gold Hallmarking: 1 जून से बदल जाएगा सोना खरीदने का नियम, लागू होगा गोल्ड हॉलमार्किंग का दूसरा चरण

नई दिल्ली। अगर आप सोना खरीदते हैं तो गोल्ड की खरीदारी के वक्त आपके मन में एक बार ये सवाल जरूर आता होगा कि सोना शुद्ध है या नहीं? कहीं आप पूरे दाम चुकाने के बाद भी सस्ता सोना तो घर नहीं ले जा रहे हैं? आपने जो सोना खरीदा है वो शुद्ध है कि नहीं? ऐसे कई सवाल सोना खरीदते वक्त लोगों के मन में आते हैं, लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। गोल्ड हॉलमार्किंग( Gold Hallmarking) के दूसरे फेज की शुरुआत 1 जून से होने वाली है।

 1 जून से गोल्ड हॉलमार्किंग अनिवार्य

1 जून से गोल्ड हॉलमार्किंग अनिवार्य

सोने के आभूषण और कलाकृतियों की अनिवार्य हॉलमार्किंग को 1 जून से अनिवार्य कर दिया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक 1 जून से सोने के गहनों की बुकिंग के लिए गोल्ड हॉलमार्किंग अनिवार्य होगी। मंत्रालय ने कहा कि अनिवार्य हॉलमार्किंग के दूसरे चरण के दायरे में 32 जिले आएंगे, जहां सभी ज्वैलर्स को सिर्फ गोल्ड हॉलमार्किंग वाले गहने ही बेचने की अनुमति होगी। इस चरण में 24 कैरेट गोल्ड के आभूषण भी अब अनिवार्य गोल्ड हॉलमार्किंग के दायरे में होंगे।

 गोल्ड हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की पहचान

गोल्ड हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की पहचान

आपको बता दें कि गोल्ड हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता का प्रमाण होती है। पहले इसे स्वैच्छिक रखा गया था, लेकिन जून 2021 से असे अनिवार्य कर दिया गया है। चरणबद्ध तरीके से इसे देशभर में लागू किया जा रहा है। इसके पहले फेज में 256 जिलों में हॉलमार्किंग को अनिवार्य किया गया था। अब सेकेंड फेज में 32 जिले शामिल किए जा रहे हैं। 23 जून 2021 को भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने हॉलमार्किंग को पहले फेज में सफलता पूर्वक लागू कर दिया।

क्या है गोल्ड हॉलमार्किंग

क्या है गोल्ड हॉलमार्किंग

गोल्ड हॉलमार्किंग सोने की शुद्धता की गारंटी है, जिसके तहत सोने की शुद्धता नापी जाती है। भारतीय मानक ब्यूरो सोने की उसकी शुद्धता के मुताबिक कैरेट की रैंकिंग दी जाती है। सोने की शुद्धता के मुताबिक ही इसे अलग-अलग कैरेट में विभाजित किया जाता है। बढ़ते कैरेट के साथ सोने के गहनों की गुणवत्ता और कीमत में अंतर आता है ।गोल्ड हॉलमार्किंग के नियम सिर्फ ज्वैलर्स के लिए हैं। यानी ये ग्राहकों पर लागू नहीं हैं। यानी ज्वैलर्स अब बिना हॉलमार्क वाले गहने नहीं बेच सकेंगे, जबकि ग्राहक अपने पुराने बिना हॉलमार्क वाले गहनों को पहले की तरह ही बेच सकेगा। यानी आपको अपने घर में रखें पुराने गहनों को हॉलमार्किंग करवाने की जरूरत नहीं है।

 ग्राहकों के लिए जरूरी बातें

ग्राहकों के लिए जरूरी बातें

सोना खरीदते वक्त ग्राहकों को भी कुछ बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए। जैसे ज्वैलरी हमेशा रजिस्टर्ड ज्वैलर्स से खरीदना चाहिए। गहना खरीदने से पहले उसपर हॉलमार्किंग जरूर चेक कर लें। अलग-अलग कैरेट के हिसाब से हॉलमार्किंग का नंबर अलग-अलग होता है। ज्वैलरी खरीदते वक्त हॉलमार्क जरूर देख लें। गहना खरीदते वक्त ज्वैलर से बिल जरूर लें।

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