कर्ज पर ब्याज छूट को लेकर वित्त मंत्रालय की गाइडलाइन, जानिए क्या मिली राहत
कर्ज पर ब्याज छूट को लेकर वित्त मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन, 2 करोड़ तक के कर्ज पर मिलेगी ये राहत
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने कोरोना महामारी के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से कर्ज चुकाने को लेकर दी गई मोहलत से जुड़े ब्याज से छूट देने को लेकर गाइडलाइन जारी की है। 2 करोड़ रुपए तक के कर्ज पर छह महीने के लिए दी गई मोहलत के दौरान संचयी ब्याज यानी ब्याज पर ब्याज और साधारण ब्याज के बीच अंतर के बराबर राशि का भुगतान सरकार करेगी।
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केंद्र की ओर से दी गई इस राहत का मतलब ये है कि लोन मोरेटोरियम का लाभ ले रहे लोगों को अब ब्याज पर अतिरिक्त पैसे नहीं देने होंगे। बैंक और वित्तीय संस्थान पात्र कर्जदारों के लोन खाते में मोहलत अवधि के दौरान ब्याज के ऊपर ब्याज और साधारण ब्याज के बीच अंतर की राशि डालेंगे। यह उन सभी पात्र कर्जदाताओं के लिए है, जिन्होंने आरबीआई द्वारा 27 मार्च, 2020 को घोषित योजना के तहत कर्ज लैटाने को लेकर दी गई छूट का लाभ उठाया। वित्तीय संस्थान संबंधित कर्जदार के खाते में रकम डालकर उसके भुगतान के लिये केंद्र सरकार से दावा करेंगे
कर्जदार संबंधित ऋण खाते पर योजना का लाभ ले सकते हैं। यह लाभ छह महीने, एक मार्च 2020 से 31 अगस्त 2020 के लिए है। जिन कर्जदारों के ऊपर 29 फरवरी तक कुल कर्ज दो करोड़ से ज्यादा नहीं है, वे योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसमें होम लोन, एजुकेशन लोन, क्रेडिट कार्ड बकाया, कार लोन, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम), उपभोक्ता सामान के लिए कर्ज और खपत के लिए लिया कर्ज शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को आरबीआई की तरफ से कर्ज लौटाने को लेकर दी गई मोहलत के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज छूट योजना को जल्दी लागू करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद वित्त मंत्रालय की ओर से यह दिशानिर्देश आया है। सरकारी खजाने पर इस योजना के क्रियान्वयन में 6,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।












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