'हमने पैसे के लिए नहीं बढ़ाया है टैक्स' निर्मला सीतारमण ने बताई करों में इजाफे की वजह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया है कि टैक्स में इजाफा राजस्व इकट्ठा करने के इरादे से नहीं किया गया है। बल्कि इसके पीछे का मकसद यह है कि सभी संपत्तियों को समान तरीके से देखा जाए।
सीतारमण ने बजट को भविष्य का बजट बताते हुए कहा कि जबतक आर्थिक सुधार स्थिर स्थिति तक नहीं पहुंचता है सरकार कैपिटल एक्सपेंडीचर पर व्यय करती रहेगी। कैपिटल एक्सपेंडीचर वह होता है जो सरकार विकास के लिए भविष्य की परियोजनाओं पर व्यय करती है।

गौर करने वाली बात है कि सरकार ने इस बजट में कई अहम ऐलान किए हैं। सरकार ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन, शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन की दरों में इजाफा किया है। LTCG की दर 12.5% कर दिया गया है जबकि शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन को 20 फीसदी कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि एनडीए 3.0 का यह पहला बजट ऐतिहासिक है, जिसमें देश के युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए विभिन्न आवंटन किए गए हैं। सीतारमण ने दोहराया कि बजट में ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है जिससे सरकार का राजस्व मनमाने ढंग से बढ़े।
गौर करने वाली बात है कि बजट घोषणा के बाद विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 10,000 करोड़ रुपए निकाल लिए हैं। जिस तरह से विदेशी निवेशकों ने अपने फंड को निकाला है, उसने घरेलू निवेशकों की चिंता को बढ़ा दिया है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश करने के बाद कहा कि नए टैक्स स्लैब में बदलाव से मध्यम वर्ग को काफी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि वेतनभोगी व्यक्तियों की सहायता के लिए मानक कटौती को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है।
सीतारमण ने बताया कि टैक्स स्लैब कम करने से न केवल मध्यम वर्ग को बल्कि उच्च आय वाले लोगों को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा, "उच्च आय वाले व्यक्ति को अपनी कुल आय के 7 लाख रुपये पर कोई कर नहीं देना पड़ता है और केवल शेष राशि पर ही कर देना पड़ता है।" इस समायोजन का उद्देश्य विभिन्न आय स्तरों पर राहत प्रदान करना है।












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