Digital Payment: बैंकों को डिजिटल भुगतान से हुआ 3800 करोड़ रुपए का नुकसान
मुंबई। इन दिनों जहां एक ओर मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर लोगों का विरोध झेल रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार के जले पर नमक छिड़कने वाली एक खबर सामने आ गई है। दरअसल, यह बात सामने आई है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की वजह से बैंकों को तगड़ा नुकसान हो रहा है। आपको बता दें कि इन दिनों पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होने की वजह मोदी सरकार के फैसलों को बताया है। यशवंत सिन्हा ने कहा है कि खराब अर्थव्यवस्था मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी का ही नतीजा हैं। वहीं दूसरा ओर अब डिजिटल भुगतान से भी नुकसान होने की बात सामने आई है। मोदी सरकार ने नोटबंदी के बाद से ही डिजिटल भुगतान पर जोर दिया और लोगों से कम से कम कैश इस्तेमाल करने की अपील की।

एक रिपोर्ट से यह बात सामने आई है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए पीओएस मशीनों से भुगतान करने पर जोर देने से बैंकों को सालाना 3,800 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। नोटबंदी के बाद बैंकों ने अपने पीओएस टर्मिनल की संख्या को दोगुने से भी अधिक कर दिया था। मार्च 2016 में टर्मिनल की संख्या 13.8 लाख थी, जो जुलाई 2017 तक बढ़कर 28.4 लाख हो गई है।
पीओएस मशीनों के जरिए डेबिट या फिर क्रेडिट से लेनदेन करने का आंकड़ा अक्टूबर 2016 में 51,900 करोड़ रुपए था, जो जुलाई 2017 में बढ़कर 68,500 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि नोटबंदी के दौरान दिसंबर 2016 में यह आंकड़ा 89,200 करोड़ रुपए की ऊंचाई तक जा पहुंचा।












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