अभी भी रतन टाटा के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकते हैं मिस्त्री, जानिए कैसे
आपको बता दें कि अभी भी सायरस मिस्त्री टीसीएस, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा केमिकल्स और टाटा ग्लोबल बेवरेजेज के चेयरमैन हैं।
मुंबई। साइरस मिस्त्री को भले ही टाटा संस के चेयरमैन पद से हटा दिया गया है, लेकिन आपको बता दें कि अभी भी वह टीसीएस, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा केमिकल्स और टाटा ग्लोबल बेवरेजेज के चेयरमैन हैं। अगर उन्होंने खुद ही इन कंपनियों से इस्तीफा नहीं दिया तो टाटा ग्रुप के लिए बड़ी मुश्किल हो सकती है।

हालांकि, कॉरपोरेट वकीलों का मानना है कि मिस्त्री खुद ही इन कंपनियों से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो मामला फंस सकता है। वकीलों की मानें तो अगर इन कंपनियों से सायरस मिस्त्री को जबरदस्ती हटाने की कोशिश की गई तो ये प्रक्रिया बहुत ही मुश्किल और लंबी भी हो सकती है।
दरअसल, ये सभी कंपनियां पब्लिक शेयरहोल्डिंग के साथ कानूनी रूप से अलग-अलग इकाइयां हैं। ऐसी भी खबरें आ रही थीं कि मिस्त्री ने टाटा ग्रुप के खिलाफ कैवेट दाखिल किया है, लेकिन बाद में खुद मिस्त्री के ऑफिस से दो बार इस बात की पुष्टि की जा चुकी है कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है। ऐसे में उम्मीद है कि मिस्त्री समझौता करने पर गौर करें।
दोनों खेमों के अधिकारी इस मामले पर निगाह बनाए हुए हैं और दोनों ही पक्षों के अधिकारियों का कहना है कि अभी सायरस मिस्त्री नैतिकता के लिहाज से अपना पक्ष मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
एक कॉरपोरेट वकील का कहना है कि मिस्त्री को गलत तरीके से हटाया गया है, ऐसे में अगर उन्होंने इन कंपनियों से खुद इस्तीफा देने से मना कर दिया तो उन्हें हटाने की प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है।
मुंबई की डीएसके लीगल के मैनेजिंग पार्टनर आनंद देसाई के अनुसार, 'हर कंपनी अलग कानूनी इकाई है। मिस्त्री अगर खुद इस्तीफा नहीं देंगे तो तय प्रक्रिया का पालन किए बिना उन्हें लिस्टेड कंपनी के चेयरमैन पद से हटाया नहीं जा सकता है।'
आपको बता दें कि ऐसी स्थिति में रतन टाटा ऑटोमैटिक तरीके से दूसरी कंपनियों के चेयरमैन नहीं बन सकेंगे, क्योंकि वे सभी कंपनियां कानूनी तौर पर अलग इकाइयां हैं।












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